इन्फ्लूएंजा (फ्लू): लक्षण, कारण, निदान और उपचार
- 25 Jan, 2026
- Written by Team Dr Lal PathLabs
Medically Approved by Dr. Shuchi
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इन्फ्लूएंजा (influenza meaning in hindi) श्वसन यानी सांस से जुड़ी एक वायरल और संक्रामक बीमारी है जो खासतौर पर सर्दियों के मौसम में तेजी से फैलती है। इन्फ्लूएंजा को आम भाषा में फ्लू कहा जाता है। इन्फ्लूएंजा को रेस्पिरेटरी वायरस कहा जाता है क्योंकि इसमें सांस लेने में मदद करने वाले अंग जैसे नाक, गला और फेफड़े वायरस से प्रभावित होते हैं। देखा जाए तो इन्फ्लूएंजा (influenza meaning in hindi) कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के साथ साथ छोटे बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा शिकार बनाता है लेकिन बदलते मौसम में सामान्य लोग भी इसका शिकार बन जाते हैं। खांसने, छींकने और यहां तक कि संक्रमित चीजों और सतहों को छूने से भी इन्फ्लूएंजा का वायरस दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर देता है। ऐसे में मरीज तेज बुखार, बदन दर्द, खांसी और गले में खराश का शिकार हो जाता है। आमतौर पर इन्फ्लूएंजा से पीड़ित मरीज पांच से सात दिन में ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर इसके लक्षण लगातार एक सप्ताह से ज्यादा रहें तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी माना जाता है। फ्लू (influenza meaning in hindi) से बचाव के लिए डॉक्टर हर साल वैक्सिनेशन यानी टीकाकरण की सलाह देते हैं। इसके साथ साथ कई एहतियाती कदम और स्वस्छता बरतने से भी इससे बचा जा सकता है। इस लेख में जानते हैं कि इन्फ्लूएंजा क्या है और इन्फ्लूएंजा के लक्षण किस प्रकार दिखते हैं। साथ ही जानेंगे इन्फ्लूएंजा किसके कारण होता है और इसके बचाव के उपाय क्या हैं।
इन्फ्लूएंजा क्या है?
इन्फ्लूएंजा (influenza meaning in hindi)एक प्रकार का वायरस संक्रमण है जिसमें श्वसन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। इस वायरस के संक्रमण के चलते नाक, गले और फेफड़े बुरी तरह प्रभावित होते हैं। बदलते और ठंडे मौसम में इन्फ्लूएंजा का वायरस तेजी से फैलता है। इस दौरान संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और यहां तक कि संक्रमित सतहों को भी छूने से ये वायरस फैलता है। इन्फ्लूएंजा मुख्य तौर पर चार प्रकार का होता है। इन्फ्लूएंजा ए, बी, सी और डी। इन चारों में इन्फ्लूएंजा ए एच3एन2 वायरस की वजह से फैलता है और ये बदलते मौसम में सबसे ज्यादा फैलने वाला वेरिएंट कहा जाता है। सही तौर पर बचाव और सावधानी न बरती जाए तो इन्फ्लूएंजा ए एक महामारी का रूप भी ले सकता है। वहीं इन्फ्लूएंजा बी और सी ज्यादा गंभीर नहीं कहे जाते हैं। इन्फ्लूएंजा डी की बात करें तो ये इंसानों की बजाय पशुओं को प्रभावित करता है।
इन्फ्लूएंजा के लक्षण किस तरह दिखते हैं?
इन्फ्लूएंजा (influenza meaning in hindi) यानी फ्लू के लक्षण सामान्य सर्दी खांसी की तरह दिखते हैं जो मरीज की अवस्था के अनुसार अलग अलग हो सकते हैं. इन्फ्लूएंजा के लक्षण इस प्रकार दिखते हैं।
- तेज बुखार
- तेज ठंड लगना और कंपकंपी आना
- गले में खराश होना होना
- सूखी खांसी होना
- मांसपेशियों में बुरी तरह दर्द होना
- सिर में दर्द बने रहना
- थकान महसूस होना
- कमजोरी आना
- नाक बंद होना या फिर लगातार नाक बहना
- छींकें आना
- गले में दर्द होना
- गले में जलन होना और खुजली होना
- गला बैठ जाना और आवाज बदल जाना
- छोटे बच्चों को कई बार उल्टी और दस्त होना
- सांस लेने में तकलीफ होना
- फेफड़ों में दर्द होना
इन्फ्लूएंजा किसके कारण होता है?
इन्फ्लूएंजा (influenza meaning in hindi)दरअसल मौसमी फ्लू कहलाने वाले वायरस की वजह से होता है। ये वायरस इन्फ्लूएंजा ए, बी, सी डी कहलाते हैं। हर साल ये वायरस म्यूटेशन करके नए नए स्ट्रेन के रूप में सामने आते हैं। ये वायरस कम उम्र के बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा शिकार बनाता है क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसके अलावा बीमार और कमजोर इम्यून सिस्टम वालों लोग हर साल इससे प्रभावित होते हैं।
इन्फ्लूएंजा की जांच किस तरह होती है?
इन्फ्लूएंजा की जांच कई तरह से की जाती है। इसमें डॉक्टर स्वॉब यानी रुई लगी स्टिक की मदद से गले या नाक के बगलम का सैंपल लेते हैं। इसे पीसीआर टेस्ट भी कहा जाता है। इसके अलावा रैपिड फ्लू टेस्ट भी इस वायरस की त्वरित जांच में सहायक साबित होता है। पीसीआर और रैपिड फ्लू टेस्ट के अलावा न्यूक्लिक एसिड एंप्लीफिकेशन टेस्ट भी वायरस की मौजूदगी और संवेदनशीलता का पता लगाने में कारगर साबित होता है।
इन्फ्लूएंजा के बचाव के उपाय क्या हैं?
इन्फ्लूएंजा के लक्षण (इन्फ्लूएंजा के लक्षण एवं उपाय) आमतौर पर पांच से सात दिन तक दिखते हैं। इसके बाद लक्षण धीरे धीरे कम होने लगते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि इन्फ्लूएंजा (influenza meaning in hindi) से बचाव संभव है। इसके लिए हर साल टीकाकरण करवाया जा सकता है। इसके अलावा सावर्जनिक स्थानों पर तीन फीट की दूरी बनाए रखनी जरूरी है। इन्फ्लूएंजा से बचाव के उपाय इस प्रकार हैं –
- सावर्जनिक सतहों को छूने से परहेज करें।
- भीड़ भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतें और दूसरे लोगों को छूने से बचें।
- खांसते या छींकते समय मुंह पर कपड़ा रखें।
- कपड़ा नहीं है तो खांसते और छींकते समय मुंह को कुहनी से कवर करें।
- संक्रमित और बीमार लोगों से दूरी बनाकर रखें।
- पर्सनल हाईजीन भी इस वायरस से बचाव के लिए कारगर मानी जाती है।
- घर लौटने के बाद साबुन से हाथों को अच्छी तरह साफ करें।
- घर के दरवाजों के हैंडल, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और ज्यादा उपयोग में आने वाली चीजों को सेनिटाइजर से साफ करते रहें।
- संतुलित आहार लें और भरपूर पानी पीतें रहें।
- धूम्रपान से बचें और धूल और धुएं के संपर्क में आने स बचें।
- घर को साफ और हवादार बनाए रखें।
देखा जाए तो इन्फ्लूएंजा (influenza meaning in hindi)हर साल लाखों लोगों को अपनी गिरफ्त में लेने वाला एक आम वायरल संक्रमण है। लेकिन अगर इसके लक्षणों को नजरंदाज किया जाए तो ये जानलेवा भी साबित हो सकता है। अगर किसी मरीज में इन्फ्लूएंजा के लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टरी सलाह लें। डॉक्टरी सलाह के बाद पीसीआर टेस्ट के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।
FAQ
- इन्फ्लूएंजा क्या होता है?
इन्फ्लूएंजा एक वायरल संक्रमण है जो श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।इसकी चपेट में आने के बाद मरीज को तेज बुखार, खांसी, बदन दर्द होता है। - फ्लू के लक्षण किस तरह दिखते हैं?
फ्लू के लक्षण में तेज बुखार होता है। इसके साथ साथ मरीज को खांसी, बदन दर्द और सिर में दर्द से पीड़ित होता है। इसके अलावा बंद नाक और बहती नाक भी फ्लू के लक्षणों में शामिल है।







