माइग्रेन क्या है? कारण, लक्षण और सही पहचान के तरीके
- 19 Oct, 2025
- Written by Team Dr Lal PathLabs
Medically Approved by Dr. Seema
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अक्सर लोग सिर में दर्द से परेशान हो जाते हैं। सामान्य सिर दर्द कुछ देर में ठीक हो जाता है लेकिन माइग्रेन सिर का ऐसा दर्द है जो 4 घंटे से लेकर 72 घंटों तक लगातार व्यक्ति को परेशान कर सकता है। सामान्य सिर दर्द से काफी अलग होता है और इसमें व्यक्ति को उल्टी और चक्कर तक सकते हैं। देखा जाए तो माइग्रेन का दर्द आमतौर पर जानलेवा साबित नहीं होता है लेकिन अगर इसे नजरंदाज किया जाए तो ये दिल संबंधी कई बीमारियों जैसे हार्ट स्ट्रोक का कारण बन सकता है और इससे रोजमर्रा की जिदंगी प्रभावित हो सकती है। इस लेख में जानते हैं कि माइग्रेन रोग क्या है और माइग्रेन के लक्षण किस प्रकार दिखते हैं। साथ ही जानेंगे माइग्रेन के रिस्क फैक्टर और माइग्रेन के टेस्ट के बारे में सब कुछ।
माइग्रेन रोग क्या है?
माइग्रेन ऐसा दर्द है जो सीधा मस्तिष्क पर असर करता है। ये दर्द सामान्य सिर दर्द से काफी अलग होता है। माइग्रेन का दर्द अक्सर जेनेटिक यानी आनुवांशिक होता है जो परिवार दर परिवार लोगों को पीड़ित करता है। माइग्रेन (माइग्रेन रोग क्या है) नर्वस सिस्ट्म से जुड़ी एक दिक्कत है जिसमें व्यक्ति की सामान्य जिंदगी बुरी तरह प्रभावित होती है। माइग्रेन होने पर व्यक्ति के सिर में एक तरफ (माइग्रेन का दर्द कहां होता है) दर्द उठता है और फिर पूरे सिर में धीरे धीरे फैलने लगता है। ज्यादा तेज रोशनी, मौसम में बदलाव, नींद में अनियमितता, तेज संगीत, स्ट्रेस, खास गंध या किसी खास एक्टिविटी के चलते ये दर्द तेजी से ट्रिगर होता है जिसका नर्वस सिस्टम पर असर होता है। माइग्रेन का दर्द एक घंटे से से लेकर तीन से चार दिन तक भी लगातार पीड़ित कर सकता है। इस स्थिति को माइग्रेन अटैक कहा जाता है।
माइग्रेन के लक्षण क्या हैं?
माइग्रेन के लक्षण सामान्य सिर दर्द से अलग और गंभीर होते हैं। माइग्रेन होने पर व्यक्ति को सिर के एक तरफ (माइग्रेन का दर्द कहां होता है) तीखा और चुभने वाला दर्द होने लगता है। सिर के एक तरफ कुछ धड़कता हुआ प्रतीत होता है। माइग्रेन के लक्षण कुल चार चरणों में दिखाई देते हैं।
- प्रोड्रोम – ये माइग्रेन का पहला चरण कहलाता है। इसमें मरीज को माइग्रेन होने की चेतावनी के संकेत मिलने लगते हैं। ज्यादा भूख लगना, कब्ज, मूड में बदलाव, गर्दन में दर्द महसूस होना, गर्दन या कंधा हिलाने पर दर्द होना, ज्यादा उबासी आना, फ्लुअड रिटेंशन, मूड में बदलाव होना, बार बार यूरिन जाना प्रोड्रोम के लक्षण हैं।
- औरा – ये माइग्रेन का दूसरा चरण कहलाता है। इसे क्लासिक माइग्रेन भी कहा जाता है क्योंकि इसमें माइग्रेन के लक्षण धीरे धीरे बढ़ने लगते हैं। नजर धुंधली होना, आंखों में दर्द होना, आंखों के आस पास चमकीले धब्बे दिखना, तेज रोशनी की चमक दिखाई देना, भ्रम का अहसास होना, शरीर में झुनझुनाहट होना, फ्लुइड रिटेंशन के चलते हाथ पैरों में सूजन, कमजोरी महसूस होना, गर्दन में तेज दर्द होना, कान में घंटी या सीटी की आवाज सुनाई देना, मूड स्विंग आदि इसके लक्षण हैं।
- माइग्रेन अटैक – ये माइग्रेन का तीसरा चरण है जिसमें माइग्रेन का अटैक यानी दौरा पड़ता है। माइग्रेन का दौरा एक घंटे से लेकर 72 घंटों या उससे ज्यादा समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति के सिर में एक तरफ तेज दर्द होता है, धीरे धीरे दर्द गर्दन और पूरे सिर में फैल जाता है। सिर में कुछ धड़कने जैसा फील होता है। उल्टी और मतली महसूस होती है। तेज रोशनी की तरफ देखा नहीं जाता। तेज आवाज होने पर सिर में हथोड़े बजने जैसा महसूस होता है।
- पोस्ट ड्रोम – माइग्रेन अटैक के बाद पोस्ट ड्रोम का चरण आता है। मरीज थकान और कमजोरी महसूस करता है। सिर में भारीपन महसूस होता है। सिर हिलाने या गर्दन हिलाने में भी दर्द होता है। मरीज आंखें तक नहीं खोल पाता।
माइग्रेन (माइग्रेन रोग क्या है) के चार चरणों के अलावा इसके कुछ अन्य लक्षण भी हैं –
- फोकस में कठिनाई
- हाथ पैरों में दर्द
- पेट में दर्द और ऐंठन
- दस्त लगना
- बार बार पसीना आना
- थकान, कमजोरी
- मूड में बार बार बदलाव आना
माइग्रेन के कारण क्या हैं?
माइग्रेन के (माइग्रेन रोग क्या है) कई कारण होते हैं। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं माइग्रेन का ज्यादा शिकार होती हैं। इसके कारण इस प्रकार हैं
- हार्मोनल बदलाव
- जेनेटिक कारण
- बदलता मौसम
- तनाव
- कैफीन और शराब का सेवन
- नींद की कमी या ज्यादा सोना
- खाद्य पदार्थ जैसे पनीर, एमएसजी युक्त स्नैक्स या प्रोसेस्ड मीट
- पानी की कमी
- कुछ दवाएं
- ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी
- ज्यादा भीड़भाड़
- तेज रोशनी
- तेज आवाज
- गंध
माइग्रेन से क्या खतरा होता है?
देखा जाए तो माइग्रेन (माइग्रेन रोग क्या है) ऐसा दर्द है जो रोजमर्रा की सामान्य जिंदगी को तहस नहस कर डालता है। इसके लक्षणों को नजरंदाज किया जाए तो ये दिल संबंधी कई बीमारियों की वजह बन जाता है। माइग्रेन (माइग्रेन से क्या खतरा होता है) डिप्रेशन और स्लीप डिस्ऑर्डर का भी रिस्क पैदा करता है। इसकी वजह से याद्दाश्त में कमजोरी आती है और फोकस में दिक्कत आने लगती है क्योंकि इसके बाद ब्रेन फॉग की स्थिति पैदा हो जाती है। माइग्रेन का आंखों की रोशनी पर भी बुरा असर पड़ता है और आंखों में ब्लड फ्लो कम होने लगता है।
माइग्रेन का टेस्ट कैसे होता है?
माइग्रेन (माइग्रेन रोग क्या है) के टेस्ट के लिए इसके लक्षणों की पहचान की जाती है। सिर में दर्द किस प्रकार का है, उसकी अवधि और तीव्रता के साथ साथ डॉक्टर अन्य लक्षणों की जांच करते हैं। इसके अलावा माइग्रेन की पहचान के लिए इमेजिंग टेस्ट जैसे सीटी स्कैन या एमआरआई की सलाह दी जाती है। मरीज को सिर के दर्द की डायरी रखने की सलाह दी जाती है ताकि डॉक्टर माइग्रेन के कारणों की पहचान कर सके।
आपको बता दें कि माइग्रेन का दर्द (माइग्रेन रोग क्या है) काफी गंभीर होता है। इसके लक्षणों की सही समय पर पहचान करके इसका सटीक इलाज करना इसके मैनेजमेंट के लिए काफी महत्वपूर्ण कहा जाता है। अगर किसी व्यक्ति को माइग्रेन का दर्द हो रहा है तो डॉक्टरी परामर्श लें। डॉक्टरी परामर्श के बाद संबंधित टेस्ट के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।
FAQ
माइग्रेन का दर्द कहां होता है?
माइग्रेन का दर्द सिर में एक तरफ (माइग्रेन का दर्द कहां होता है) होता है। हालांकि कई बार ये दोनों तरफ भी हो सकता है। इस दौरान सिर के एक हिस्से में कुछ धड़कता हुआ महसूस होता है। मरीज के सिर, कनपटी के पास, माथे के बीचों बीच और आंख के आस पास दर्द होता है।
माइग्रेन के लक्षण और उपाय क्या हैं?
माइग्रेन के लक्षण में सिर में एक तरफ दर्द होना, गर्दन में दर्द होना, कनपटी और माथे के बीचों बीच दर्द होना शामिल हैं। इसके उपाय में पेन किलर दवाओं के अलावा, ठंडी और गर्म सिंकाई, पर्याप्त नींद, पर्य़ाप्त पानी पीना, अंधेरे, शांत और ठंडे कमरे में आराम करना शामिल है।








