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गले की खराश और खांसी के आम कारण, शुरुआती लक्षण और उपाय

Medically Approved by Dr. Seema

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गले की खराश

मौसम बदलते ही गले में अटका हुआ लगना या गले में दर्द होना दरअसल गले की खराश (sore throat) जो बैक्टीरिया या वायरल संक्रमण के कारण होती है। इसे सोर थ्रोट (sore throat) भी कहा जाता है। सर्दी, फ्लू, बैक्टीरियल संक्रमण या फंगल संक्रमण के कारण गले में दर्द होने लगता है जिसे गला बैठना या गले में खराश (sore throat) कहा जाता है। आमतौर पर गले की खराश (sore throat in hindi) काफी आम और सामान्य समस्या है जो ज्यादातर लोगों को परेशान करती है। देखा जाए तो फ्लू के चलते होने वाली गले की खराश कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन बैक्टीरिया के चलते होने वाली गले की खराश स्ट्रेप थ्रोट (sore throat) कई बार लापरवाही के चलते गंभीर हो जाती है और इसके लिए डॉक्टरी परामर्श लेना पड़ सकता है। इस लेख में जानते हैं कि गले में खराश (sore throat) यानी गला बैठना किसे कहते हैं और गले में दर्द के कारण क्या हैं। साथ ही जानेंगे गला बैठने के घरेलू उपाय क्या हैं।

 

गला बैठना यानी गले की खराश क्या है?

गले में बैक्टीरियल संक्रमण, वायरल संक्रमण आदि के चलते खराश और जलन होने लगती है। इस दौरान गले में खुजली (sore throat) महसूस होती है और खाने पीने में दिक्कत होने लगती है। इस दौरान लगातार खांसी होती है औऱ कुछ निगलने में दिक्कत होती है। गले की ग्रंथियों में सूजन आने के कारण गले में सफेद स्पॉट्स दिखने लगते हैं औऱ कई बार ये स्थिति गंभीर हो तो मरीज को बुखार भी आ जाता है। इस दौरान गले में काफी दर्द होने लगता है और मरीज बेहाल रहता है।

 

गला बैठने के कारण क्या हैं?

गला बैठने (sore throat) के कारण कई हैं, जिनमें वायरल संक्रमण और बैक्टीरियल संक्रमण मुख्य हैं। गला बैठने (sore throat meaning in hindi) के कारण इस प्रकार हैं –

 

  1. वायरल संक्रमण – सर्दी खांसी के फ्लू के चलते गले में संक्रमण (sore throat meaning in hindi) होता है और गले में खराश होने लगती हैं। हालांकि ये काफी आम वायरस (sore throat) है और व्यक्ति अपने आप कुछ दिनों में ठीक हो जाता है।
  2. बैक्टीरियल संक्रमण – स्ट्रेप बैक्टीरिया के हमले के कारण गले की नली में संक्रमण हो जाता है और लक्षण नजरंदाज करने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। ऐसे में एंटीबायोटिक्स से इलाज होता है।
  3. ट्यूमर – अगर गले में ट्यूमर जैसे क्विंसी या एपिग्लोटाइटिस पनप रहा है तो सांस की नली अवरुद्ध होने लगती है। इस स्थिति (sore throat meaning in hindi) में तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी जरूरी है क्योंकि ये गंभीर समस्या हो सकती है।
  4. एलर्जी – अगर व्यक्ति को किसी चीज से एलर्जी है तो उसके संपर्क में आते ही व्यक्ति का गला बैठ जाता है और गले में खराश (sore throat) औऱ गले में दर्द होने लगता है।
  5. सूखी हवा – कई बार ज्यादा सूखी हवा चलने पर गला (sore throat meaning in hindi) बैठ जाता है।
  6. ज्यादा चिल्लाने पर – अगर व्यक्ति ज्यादा और जोर से चिल्ला रहा है तो उसका गला बैठ सकता है और गले में खराश (sore throat) हो सकती है।
  7. गैस की समस्या – गैस संबंधी दिक्कतें भी गला बैठने (sore throat meaning in hindi) का कारण बन सकती हैं।

 

गले में खराश के लक्षण किस तरह दिखते हैं?

गले में संक्रमण (sore throat) होने पर कई तरह के लक्षण दिखते हैं। ये लक्षण इस प्रकार हैं –

 

  1. गले में दर्द होना
  2. गला बैठा हुआ लगना
  3. गले में अटका हुआ लगना
  4. बार बार खराश होना
  5. लगातार खांसी
  6. नाक बहना
  7. कुछ निगलने में दिक्कत महसूस होना
  8. गले में लगातार खुजली महसूस होना
  9. आवाज में बदलाव आना, आवाज भारी हो जाना
  10. गले की ग्रंथियों में सूजन आना
  11. टॉन्सिल की परेशानी
  12. बुखार आना
  13. गले के पिछले हिस्से में दर्द महसूस होना
  14. थकान और कमजोरी महसूस करना
  15. गले के अंदर सफेद धब्बे दिखाई देना
  16. नाक बंद होना
  17. सांसों से बदबू आना
  18. सिर में दर्द होना

 

गले में खराश के घरेलू उपाय क्या हैं ?

आपको बता दें कि आमतौर पर गला बैठने (sore throat) पर घरेलू इलाज काफी कारगर साबित होते हैं। सामान्य गले की खराश (sore throat meaning in hindi) जो फ्लू या फंगल इंफेक्शन के चलते होती है, इसके लिए घरेलू उपाय (गले में खराश के घरेलू उपाय) और घरेलू इलाज मददगार साबित होते हैं। गला बैठने के घरेलू इलाज से मरीज को काफी राहत प्रदान की जा सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं –

 

  1. नमक के पानी से गरारे – ये गला बैठने के घरेलू इलाज में सबसे बेहतर है जो अक्सर घरों में अपनाया जाता है। गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक डालकर मरीज को दिन में तीन से चार बार गरारे यानी गॉगल करने चाहिए।
  2. भाप लेना – मरीज को दिन में कई बार भाप दिलवानी चाहिए। इससे लिंफ नोड्स यानी गले की ग्रंथियों की सूजन में आराम मिलता है।
  3. शहद का सेवन – शहद को एंटी बैक्टीरियल कहा जाता है। ये गले की जलन और सूजन को भी कम करता है। इसे दिन में दो से तीन बार गर्म पानी या चाय में मिलाकर सेवन करें।
  4. बेकिंग सोडा – बैकिंग सोडा एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल कहा जाता है। हल्के गर्म पानी में बेकिंग सोडा डालकर गरारे करने से राहत मिलती है।
  5. पर्याप्त आराम – गले को पर्याप्त आराम देने से भी फायदा होगा। इस दौरान गले पर जोर न डाले, चिल्लाकर बात न करें। इससे गले को आराम मिलेगा।
  6. पर्याप्त पानी पीते रहें –शरीर को हाइड्रेड रखने के लिए इस दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
  7. मसालेदार और गरिष्ठ भोजन न करें – इस दौरान गले में जलन और खुजली पैदा करने वाले तीखे, मसालेदार और गर्म भोजन का सेवन करने से परहेज करें।

 

गला बैठना एक आम समस्या है जो कुछ दिनों में घरेलू उपाय के जरिए ठीक हो सकती है। गंभीर स्थित में डॉक्टरी परामर्श इसके लिए महत्वपूर्ण साबित होता है। सटीक और सुरक्षित जांच के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।

 

FAQ

गले में दर्द के कारण क्या हैं?

गले में दर्द और खराश सर्दी, फ्लू और बैक्टीरियल इंफेक्शन, एलर्जी, ट्यूमर की वृद्धि, ज्यादा चिल्लाने के चलते हो सकती है।

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