पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करें
- 10 Jan, 2026
- Written by Team Dr Lal PathLabs
Medically Approved by Dr. Shuchi
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किसी महिला के जीवन में गर्भावस्था का समय वो खास समय होता है जब घर परिवार में नए जीवन की आहट सुनाई देने लगती है। प्रेगनेंसी वो महत्वपूर्ण समय है जब होने वाली मां को अपनी सेहत के साथ साथ होने वाले बच्चे की सेहत का भी ख्याल रखना होता है। मासिक धर्म यानी पीरियड्स मिस होने के साथ ही प्रेगनेंसी की शुरूआत हो जाती है। कई महिलाओं को पता नहीं चल पाता है कि प्रेगनेंसी टेस्ट कब करना चाहिए। गर्भ ठहरने के कितने दिन बाद पता चलता है, ये बात अधिकतर लोग नहीं जानते। इस लेख में जानते हैं कि पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करें। साथ ही जानेंगे पीरियड मिस होने से पहले प्रेगनेंसी टेस्ट कब करें।
गर्भ ठहरने के कितने दिन बाद पता चलता है?
पहला सवाल ये उठता है कि किसी महिला ने गर्भ धारण कर लिया है, ये कब पता चलता है। देखा जाए तो गर्भ ठहरने का पता (गर्भ ठहरने के कितने दिन बाद पता चलता है) पीरियड मिस होने के एक हफ्ते के भीतर चल जाता है। गर्भ ठहरने के एक हफ्ते के भीतर ही शरीर में hCG हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है। ऐसे में पीरियड मिस होने के एक हफ्ते बाद अगर प्रेगनेंसी टेस्ट करवाया जाए तो प्रेगनेंसी कंफर्म हो सकती है। पीरियड मिस होने के 7 से 14 दिन के भीतर (पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करें) शरीर में hCG हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में प्रेगनेंसी किट की मदद से गर्भ ठहरने का पता लगाया जा सकता है। आजकल बाजार में मौजूद कई तरह की टेस्ट किट पीरियड के दस दिन बाद सटीक रिजल्ट दे सकती हैं।
देखा जाए तो पीरियड मिस होना प्रेगनेंसी का ही एक संकेत होता है। लेकिन कई बार पीरियड कई अन्य कारणों से भी मिस हो जाते हैं। ऐसे में पीरियड मिस होने के बाद टेस्ट किट की मदद से यूरिन में बढ़े हुए hCG हार्मोन का स्तर माप कर प्रेगनेंसी को कंफर्म किया जा सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि पीरियड मिस होने के एक हफ्ते बाद सुबह के पहले यूरिन का टेस्ट करना चाहिए। इस यूरिन में hCG की सबसे ज्यादा मात्रा होती है। पीरियड मिस होने के 7 से 14 दिन के भीतर (पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करें) टेस्ट किट की मदद से गर्भ धारण करने के सटीक रिजल्ट मिलते हैं। आपको बता दें कि गर्भावस्था परीक्षण में यूरिन टेस्ट सबसे अहम होता है। इसे घर पर किट की मदद से भी किया जा सकता है और अस्पताल में भी करवाया जा सकता है।
पीरियड मिस होने से पहले प्रेगनेंसी टेस्ट कब करें?
हालांकि अधिकतर लोगों को लगता है कि पीरियड मिस होने के बाद ही प्रेगनेंसी टेस्ट किया जाता है। लेकिन कम लोग जानते हैं कि पीरियड मिस होने से पहले भी ये टेस्ट किया जा सकता है। बाजार में कुछ खास प्रेगनेंसी किट हैं जो पीरियड मिस होने से पहले प्रेगनेंसी का संभावित पता दे सकती हैं। ये प्रेगनेंसी किट पीरियड मिस होने से कुछ दिन पहले भी रिजल्ट दे सकती हैं। इसके लिए पीरियड के संभावित दिन से 3 से 5 दिन पहले टेस्ट किट से यूरिन टेस्ट किया जाता है। हालांकि स्पेशलिस्ट कहते हैं कि इस तरह के अर्ली डिटेक्शन टेस्ट की सटीकता कम होती है यानी इनके परिणाम गलत भी आ सकते हैं। उदाहरण के तौर पर कई बार प्रेगनेंसी ठहरने के बाद भी इस तरह की टेस्ट किट निगेटिव में रिजल्ट दिखा देती हैं, जबकि महिला प्रेगनेंट होता है। यानी पीरियड मिस होने से पहले किए गए प्रेगनेंसी टेस्ट महज 60 से 70 फीसदी सटीक परिणाम दे सकते हैं। ऐसे में सलाह दी जाती है कि सटीक परिणाम के लिए पीरियड मिस होने के कुछ समय बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए।
प्रेगनेंसी टेस्ट कब करना चाहिए और इसे करने की प्रोसेस क्या है
देखा जाए प्रेगनेंसी टेस्ट पीरियड मिस होने से पहले और बाद में किया जा सकता है। अर्ली डिटेक्शन किट पीरियड मिस होने से पहले भी प्रेगनेंसी के संकेत देती हैं। हालांकि ये परिणाम सटीक नहीं होते। वहीं पीरियड मिस होने के बाद किए गए प्रेगनेंसी टेस्ट 99 फीसदी तक सटीक होते हैं। ऐसे में प्रेगनेंसी टेस्ट पीरियड मिस होने के बाद ही करना सही माना जाता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि पीरियड मिस होने के 7 से 14 दिन के भीतर प्रेगनेंसी टेस्ट करना बिलकुल सही होता है। यहां ध्यान देने योग्य बात ये है कि जिन लोगों के पीरियड साइकिल काफी अनियमित होते हैं, उन्हें प्रेगनेंसी टेस्ट कम से 21 दिन बाद करने की सलाह दी जाती है। जिन महिलाओं को पीरियड (गर्भ ठहरने के कितने दिन बाद पता चलता है) 35 दिन के बाद आता है, उन्हें ये टेस्ट 21 से 25 दिन बाद करवाना चाहिए वरना परिणाम में सटीकता की कमी आ सकती है।
प्रेगनेंसी टेस्ट करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
अगर प्रेगनेंसी टेस्ट करना है तो कुछ खास बातें ध्यान रखनी चाहिए। सबसे पहले भरोसेमंद कंपनी की प्रेगनेंसी टेस्ट किट लेनी चाहिए। कोशिश करें कि सुबह का पहला यूरिन टेस्ट करें। इस यूरिन में एचसीजी हार्मोन का स्तर ज्यादा होता है। ध्यान रखें कि टेस्ट से पहले ज्यादा पानी या तरल पदार्थ नहीं पीना चाहिए। इससे शरीर में हार्मोन के स्तर पर फर्क पड़ सकता है औऱ रिजल्ट की सटीकता कम हो सकती है। टेस्ट से पहले किट पर दिए गए संकेतों को अच्छी तरह से पढ़कर समझें। अगर टेस्ट पॉजिटिव है तो आगे की प्रोसेस के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। अगर रिजल्ट निगेटिव है और प्रेगनेंसी (गर्भ ठहरने के कितने दिन बाद पता चलता है) की आशंका है, इस स्थिति में भी डॉक्टर से जरूर सलाह लें या फिर कुछ दिन बाद फिर से प्रेगनेंसी टेस्ट करें। अगर प्रेगनेंसी किट की मदद से किए गए टेस्ट पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं तो आप डॉक्टरी सलाह के बाद ब्लड टेस्ट भी करवा सकते हैं।
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FAQ
- गर्भ धारण करने के कितने दिन बाद पता चलता है?
गर्भ धारण करने के 7 से 14 दिन के भीतर प्रेगनेंसी की जानकारी मिल जाती है। कुछ प्रेगनेंसी टेस्ट पीरियड मिस होने से पहले भी इसकी जानकारी दे सकते हैं हालांकि ये पूरी तरह सटीक नहीं माने जा सकते हैं। - पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करें?
पीरियड मिस होने के 7 दिन से लेकर 14 दिन के भीतर प्रेगनेंसी टेस्ट करना सबसे सही और सटीक माना जाता है। इस दौरान शरीर में hCG हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है जिसे यूरिन टेस्ट के जरिए पहचाना जा सकता है।








