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त्वचा रोग: प्रकार, लक्षण, उपचार और रोकथाम

Medically Approved by Dr. Shuchi

Table of Contents

त्वचा रोग

त्वचा शरीर का ऐसा अंग है जो शरीर को बाहरी हमलों और संक्रमण से बचाने का काम करता है। त्वचा शरीर को धूप, प्रदूषण और कई तरह के बैक्टीरिया से बचाकर शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है। देखा जाए तो इसी प्रक्रिया में त्वचा भी कई रोगों का शिकार होती है जिन्हें त्वचा रोग (skin diseases in hindi) कहा जाता है। त्वचा रोग यानी स्किन डिजीज कई तरह की होती हैं। जब त्वचा पर खुजली, दाने, जलन, सूजन, रैशेज और धब्बे दिखाई दें तो इस स्थिति को त्वचा रोग कहा जाता है। कुछ त्वचा रोग हल्के और कम गंभीर होते हैं जबकि कुछ त्वचा रोग (skin diseases in hindi) गंभीर जैसे सोरायसिस और कैंसर में बदल सकते हैं। त्वचा रोग के लक्षणों (त्वचा रोग के लक्षण) को सही समय पर पहचान कर इनका सटीक और प्रभावी उपचार किया जा सकता है। त्वचा रोग की पहचान के लिए एलर्जी टेस्ट की सलाह दी जाती है। इस लेख में जानते हैं कि त्वचा रोग क्या होते हैं और त्वचा रोग के प्रकार क्या हैं। साथ ही जानेंगे त्वचा रोग के कारण और एलर्जी टेस्ट के बारे में सब कुछ।

 

त्वचा रोग क्या है?

त्वचा रोग (skin diseases in hindi)उन स्थितियों को कहते हैं जब त्वचा जलन, खुजली, धब्बे, रैशेज, सूजन, पपड़ी (त्वचा रोग के लक्षण) का शिकार होने लगती है। त्वचा रोग फंगल इंफेक्शन,बैक्टीरियल इंफेक्शन, वायरल संक्रमण और मौसमी बदलाव के चलते हो सकती हैं। इसके साथ साथ त्वचा रोग के लिए कुछ ऑटो इम्यून स्थितियां भी जिम्मेदार कही जाती हैं। कई बार लाइफस्टाइल में बदलाव, एलर्जी, हार्मोनल बदलाव, कुछ खास दवाएं और बाजार की क्रीम भी त्वचा रोग का कारण बन जाती हैं। ऐसे में त्वचा बेहद संवेदनशील हो जाती है और त्वचा पर जलन के साथ खुजली होने लगती है। त्वचा में सूजन और दर्द होने लगता है। त्वचा पर लाल या दूसरे किसी रंग के चकत्ते, लाल दाने (त्वचा रोग के लक्षण) हो सकते हैं। कई बार त्वचा का रंग बदल जाता है और उस पर पपड़ी जमने लगती है।

 

त्वचा रोग के प्रकार क्या हैं?

त्वचा रोग (skin diseases in hindi) कई प्रकार के होते हैं जिन्हें इनके पीछे की वजह के चलते कई भागों में बांटा जा सकता है। त्वचा रोग प्रकार इस तरह हैं –

 

  1. संक्रमण – फंगल संक्रमण के चलते त्वचा पर खुजली और जलन होने लगती है। इसमें दाद, खुजली और एथलीट फुट शामिल हैं। वहीं बैक्टीरियल संक्रमण के चलते त्वचा पर फोड़े फुंसी, मुंहासे और इंपेटिगो का असर होता है। वायरल संक्रमण के चलते त्वचा पर मस्से, दाद-खाज, चिकनपॉक्स और हर्पीज जैसी बीमारियां असर करती हैं।
  2. एलर्जी – त्वचा जब किसी खास चीज, माहौल या वातावरण के प्रति संवेदनशील होती है तो त्वचा पर कई तरह के बदलाव दिखने लगते हैं। इसे एलर्जी कहा जाता है। ऐसे में त्वचा पर एकाएक पित्ती वाले दाने निकलने लगते हैं। त्वचा मोटी और लाल हो जाती है और उस पर खुजली होने लगती है।
  3. एक्जिमा – एक्जिमा में त्वचा लाल और रूखी हो जाती है और जगह जगह से फटने लगती है। इसे एटोपिक डर्मेटाइटिस भी कहते हैं।
  4. सोरायसिस – सोरायसिस वो स्थिति है जब त्वचा संवेदनशील हो जाती है और उस पर लाल चकत्ते पड़ने लगते हैं। ऐसे में त्वचा रूखी, लाल और मोटी पपड़ी से भर जाती है।
  5. पित्ती – एलर्जी के चलते शरीर पर हाइव्स यानी पित्ती उछलती है और त्वचा पर खुजली करने वाले लाल छोटे दाने उभरने लगते हैं।
  6. विटिल्गो – विटिल्गो यानी सफेद दाग भी त्वचा रोग की श्रेणी में आता है। इसमें त्वचा पर सफेद धब्बे दिखने लगते हैं।
  7. त्वचा कैंसर – त्वचा का कैंसर भी त्वचा रोग में शुमार किया जाता है। ऐसे में जब त्वचा की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं तो त्वचा के भीतरी हिस्से में ट्यूमर बनने लगता है।
  8. मुंहासे और पिगमेंटेशन – चेहरे पर निकलने वाले दाने और काले निशान भी त्वचा रोग कहलाते हैं।
  9. सिर में रूसी – सिर में रूसी यानी डैंड्रफ होना और सिर की त्वचा पर होने वाले फंगल इंफेक्शन भी त्वचा रोग कहलाता है।

स्किन प्रॉब्लम क्यों होती है?

त्वचा रोग (skin diseases in hindi)यानी स्किन प्रॉब्लम के कई कारण हो सकते हैं। कई तरह के संक्रमण जैसे बैक्टीरियल इंफेक्शन, फंगल इंफेक्शन और वायरल इंफेक्शन स्किन प्रॉब्लम का कारण बनते हैं। इसके अलावा एलर्जी, हार्मोनल बदलाव, मौसम का असर, आनुवांशिक कारण, ऑटो इम्यून स्थितियां और हाइजीन की कमी स्किन प्रॉब्लम की वजह बनती हैं।

 

एलर्जी टेस्ट किस तरह किया जाता है?

त्वचा रोग की पहचान के लिए एलर्जी टेस्ट किया जाता है। ये टेस्ट त्वचा में एलर्जी पैदा करने वाले एलर्जेन का पता लगाने के लिए किया जाता है। एलर्जी टेस्ट कई प्रकार के होते हैं।

 

  1. स्किन प्रिक टेस्ट
  2. पैच टेस्ट
  3. इंट्राडर्मल टेस्ट
  4. इसके अलावा शरीर में एलर्जी विशिष्ट एंटीबॉडी यानी आईजीई (IGE )का लेवल मापने के लिए ब्लड टेस्ट भी किया जाता है।

त्वचा रोग का उपचार और रोकथाम कैसे कर सकते हैं?

देखा जाए तो कुछ खास परिस्थितियों को छोड़कर त्वचा रोग (skin diseases in hindi) का उपचार सही तरह से किया जा सकता है। इसकी रोकथाम कई तरीकों से की जा सकती है। आमतौर पर त्वचा रोग की रोकथाम के लिए स्वच्छ आदतों को अपनाने की सलाह दी जाती है। नियमित रूप से हाथ धोना, समय पर स्नान करना, धूप में शरीर को ढक कर रखना, एलर्जी करने वाली चीजों से दूर रहना, निजी वस्तुएं दूसरों के साथ शेयर न करना, संतुलित आहार का सेवन करना, तनाव कम करना, धूम्रपान और शराब से बचाव, पर्याप्त नींद आदि की मदद से त्वचा रोगों से रोकथाम की जा सकती है।

 

त्वचा रोग (skin diseases in hindi) के उपचार की बात करें तो ये इलाज त्वचा रोग के प्रकार पर निर्भर करता है। त्वचा पर संक्रमण के कई मामलों में मरीज को एंटीबायोटिक्स और एंटी फंगल दवाएं दी जाती हैं। एलर्जी के मामलों में एंटी एलर्जिक दवाओं के साथ साथ स्टेरॉयड क्रीम भी लगाने के लिए दी जाती है। गंभीर मामलों में लेजर थैरेपी और फोटो थैरेपी की जाती है।

 

देखा जाए तो त्वचा रोग (skin diseases in hindi) ऐसी बीमारी है जिसमें लक्षणों को सही समय पर पहचान कर जांच करवाना जरूरी माना जाता है। लक्षण गंभीर होने पर इसकी रोकथाम और उपचार की प्रक्रिया पर असर पड़ता है। अगर किसी मरीज में त्वचा रोग के लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टरी सलाह के बाद एलर्जी टेस्ट के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें

 

FAQ

  1. त्वचा रोग के लक्षण क्या हैं?
    त्वचा रोग के लक्षणों में त्वचा पर खुजली, दर्द, सूजन, पपड़ी के साथ साथ चकत्ते, धब्बे शामिल हैं।
  2. त्वचा रोग की जांच किस तरह की जाती है?
    त्वचा रोग की जांच के लिए एलर्जी टेस्ट किया जाता है। इसके साथ ब्लड टेस्ट भी करने की सलाह दी जाती है।
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