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डिसेंट्री क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

Medically Approved by Dr. Seema

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डिसेंट्री

डिसेंट्री (Dysentery) यानी पेचिश आंतों से जुड़ा एक आम लेकिन गंभीर संक्रमण है, जो बैक्टीरिया या परजीवी के कारण होता है। पेचिश में संक्रमण की वजह से उल्टी और खूनी दस्त होने लगते हैं। दूषित पानी, गंदा भोजन और खराब हाइजीन इसकी मुख्य वजहें हैं। यदि समय पर उपचार न मिले तो मरीज डिहाइड्रेशन और कई अन्य गंभीर समस्याओं का शिकार हो सकता है।

 

इस लेख में जानें—पेचिश कितने प्रकार का होता है, कैसे फैलता है, इसके लक्षण, कारण, रिस्क फैक्टर और बचाव के उपाय।

 

पेचिश रोग कितने प्रकार का होता है? (Types of Dysentery)

 

पेचिश रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया की प्रकृति के आधार पर इसे दो प्रकार में विभाजित किया जाता है। दोनों में लक्षण लगभग समान होते हैं, लेकिन कारण और उपचार प्रक्रिया भिन्न हो सकती है।

 

  • बेसिलरी पेचिश (Bacillary Dysentery):
    यह सबसे आम प्रकार है और Shigella बैक्टीरिया के कारण होता है। दूषित पानी और भोजन इसका मुख्य स्रोत हैं।
  • अमीबिक पेचिश (Amoebic Dysentery):
    यह Entamoeba histolytica नामक परजीवी के कारण होता है। खराब स्वच्छता और साफ-सफाई की कमी इसकी मुख्य वजह है।

 

पेचिश के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Dysentery)

 

पेचिश के लक्षण संक्रमण के प्रकार और गंभीरता के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

 

  1. बार-बार दस्त होना (Frequent Diarrhoea)
  2. पेट में दर्द (Abdominal Pain)
  3. पेट में ऐंठन (Cramps)
  4. बुखार और ठंड लगना (Fever & Chills)
  5. मतली और उल्टी (Nausea & Vomiting)
  6. कमजोरी और थकान (Weakness & Fatigue)
  7. भूख कम लगना (Loss of Appetite)
  8. मल में खून (Blood in Stool)
  9. मल में मवाद/बलगम (Mucus or Pus)
  10. मल त्यागने में दर्द (Pain During Stool)
  11. मुंह सूखना (Dry Mouth)
  12. डिहाइड्रेशन (Dehydration)
  13. यूरिन में कमी (Decreased Urination)
  14. वजन कम होना (Weight Loss)
  15. लिवर में सूजन (Swollen Liver)

 

यदि लक्षण गंभीर हो जाएं या कई दिनों तक बने रहें, तो तत्काल डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।

 

पेचिश के कारण और रिस्क फैक्टर (Causes and Risk Factors)

 

पेचिश मुख्य रूप से बैक्टीरिया या परजीवी संक्रमण के कारण होता है। ये दूषित पानी, भोजन और खराब स्वच्छता के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं।

 

  • गंदा और दूषित पानी पीना
  • अधपका या बासी भोजन खाना
  • हाथ न धोकर भोजन करना
  • संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आना
  • संक्रमित वस्तुओं का उपयोग करना
  • खराब सेनिटेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहना
  • कमजोर इम्यून सिस्टम, छोटे बच्चे और बुजुर्ग अधिक जोखिम में

 

पेचिश से बचाव कैसे करें? (Preventive Measures)

 

स्वच्छता और सावधानियों से पेचिश से बचाव किया जा सकता है:

 

  • स्वच्छता बनाए रखें: खाने से पहले और टॉयलेट के बाद हाथ धोएं।
  • साफ पेयजल पीएं: फिल्टर या उबला हुआ पानी ही पिएं।
  • हाइजीनिक और पका हुआ भोजन खाएं: विशेषकर मांस और समुद्री भोजन पूरी तरह पकाया हुआ हो।
  • आस-पास सफाई रखें: खुले में कचरा और गंदगी न होने दें।
  • निजी वस्तुएं साझा न करें: कपड़े, तौलिया आदि किसी और के साथ न बांटें।

 

अगर किसी को लगातार बुखार, तेज दस्त और डिहाइड्रेशन की शिकायत है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। शुरुरआती जांच और इलाज से पेचिश को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

 

देखा जाए तो पेचिश आंतों का ऐसा गंभीर संक्रमण है जिसे रोकने के लिए इसके लक्षणों पर ध्यान देते हुए तुरंत डॉक्टरी सहायता काफी महत्वपूर्ण है। स्वस्छ आदतें, साफ पानी और भोजन का सेवन इसकी रोकथाम में सहायक है।

 

पेचिश के लक्षण दिखने पर हेल्थ प्रोफेशनल से संपर्क करना जरूरी है। इसके संक्रमण की जांच के लिए डॉ लाल पैथलैब्स में स्टूल टेस्ट बुक करवाएं।

 

FAQ

 

1. पेचिश के सामान्य लक्षण क्या हैं?
लगातार दस्त, बुखार, उल्टी, पेट दर्द और डिहाइड्रेशन इसके सामान्य लक्षण हैं।

 

2. क्या पेचिश संक्रामक है?
हाँ, पेचिश अत्यधिक संक्रामक है और दूषित पानी, भोजन व संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता है।

 

3. पेचिश से बचाव कैसे करें?
स्वच्छता, साफ पानी, हाइजीनिक भोजन और हाथ धोने की आदत अपनाकर पेचिश से बचा जा सकता है।

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