प्रोस्टेट क्या होता है और इसका शरीर में क्या काम है?
- 19 Oct, 2025
- Written by Team Dr Lal PathLabs
Medically Approved by Dr. Seema
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प्रोस्टेट पुरुषों में के शरीर में ब्लैडर यानी मूत्राशय के ठीक नीचे अखरोट के आकार की ग्लैंड यानी ग्रंथि होती है। पुरुषों के लिए प्रोस्टेट बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसकी मदद से ही सीमन यानी वीर्य का निर्माण होता है। पुरुषों की रिप्रोडक्शन क्षमता यानी प्रजनन क्षमता के लिए प्रोस्टेट को बहुत ही अहम माना जाता है। लेकिन उम्र बढ़ने और कई दूसरे कारण से प्रोस्टेट का आकार बढ़ जाता है या फिर प्रोस्टेट इंफेक्शन हो जाता है। इसके चलते कई गंभीर परेशानियां जन्म लेती हैं। इस लेख में जानते हैं कि प्रोस्टेट क्या होता है और प्रोस्टेट क्यों बढ़ता है। साथ ही जानेंगे प्रोस्टेट इंफेक्शन के लक्षण क्या हैं और इसकी पहचान के लिए पीएसए टेस्ट कैसे किया जाता है।
प्रोस्टेट क्या होता है?
प्रोस्टेट पुरुषों के शरीर अंदर बनी ऐसी ग्रंथि है जो उनकी प्रजनन क्षमता के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। प्रोस्टेट ग्रंथि ब्लैडर यानी मूत्राशय के नीचे स्थित है और देखने में ये अखरोट की तरह लगती है। प्रोस्टेट का मुख्य काम शरीर में वीर्य बनाने के लिए जरूरी फ्लुइड यानी क्षारीय तरल पदार्थ को बनाना है। प्रोस्टेट की मदद से ही संभोग के दौरान वीर्य को बलपूर्वक बाहर धकेलने में मदद मिलती है। इसके साथ साथ ये ग्रंथि यूरिन और वीर्य के फ्लो को भी नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण रोल निभाती है। यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो पुरुषों के शरीर में प्रोस्टेट ग्रंथि का स्वस्थ रहना बहुत ही जरूरी होता है।
प्रोस्टेट क्यों बढ़ता है?
देखा जाए तो उम्र के साथ साथ प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने की समस्या सामने आती है। अगर प्रोस्टेट बढ़ता है तो इसका सीधा दबाव ब्लैडर पर पड़ता है और यूरिन पास करने में दिक्कत आती है। ऐसे में ब्लैडर से जुड़ी दिक्कतें पैदा होने लगती हैं। प्रोस्टेट बढ़ने के कई और भी कारण हो सकते हैं। प्रोस्टेट बढ़ने के कारण इस प्रकार हैं –
- उम्र बढ़ना – उम्र बढ़ने के साथ साथ कई बार पुरुषों के शरीर में प्रोस्टेट का आकार बढ़ जाता है। आमतौर पर चालीस साल की उम्र के बाद अक्सर पुरुषों के साथ ये समस्या होती है।
- हार्मोनल बदलाव – उम्र बढ़ने के साथ साथ शरीर में टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन का संतुलन कम होने लगता है जिससे प्रोस्टेट में इजाफा होने लगता है। ऐसे में DHT यानी डायहाईड्रोटेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ता है जिससे प्रोस्टेट की कोशिकाओं में वृद्धि होने लगती है।
- आनुवांशिकी – आनुवांशिकी यानी पारिवारिक इतिहास भी प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने का कारण मानी जाती है। ऐसे लोग जिनके परिवार में में ऐसे मामले रहे हैं, इस समस्या के खतरे में जल्दी आते हैं।
- प्रोस्टेट इंफेक्शन – प्रोस्टेट ग्रंथि में इंफेक्शन को प्रोस्टेटाइटिस कहते हैं। प्रोस्टेटाइटिस के कारण प्रोस्टेट में सूजन और दर्द होता है जिससे प्रोस्टेट का आकार बढ़ने लगता है।
- बढ़ा हुआ वजन – ज्यादा वजन, खासकर पेट के आस पास ज्यादा फैट होने से भी प्रोस्टेट बढ़ने का रिस्क पैदा हो सकता है।
- डाइट – ज्यादा फैट वाले आहार, ज्यादा डेयरी प्रोडक्ट और रेड मीट के ज्यादा सेवन से भी प्रोस्टेट बढ़ सकता है। कई मामलों ज्यादा तला भुना और प्रोसेस्ड आहार वजन बढ़ाता है जिससे प्रोस्टेट के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।
प्रोस्टेट इंफेक्शन के लक्षण क्या हैं?
कई बार प्रोस्टेट में इंफेक्शन हो जाता है जिससे प्रोस्टेट ग्रंथि में सूजन आ जाती है और कई समस्याएं पैदा हो जाती हैं। बैक्टीरिया, यौन संचारित रोग, ब्लैडर संबंधी दिक्कतें, कमजोर इम्यून सिस्टम आदि के चलते प्रोस्टेट इंफेक्शन हो सकता है। प्रोस्टेट इंफेक्शन के लक्षण इस प्रकार हैं –
- बार बार यूरिन आना
- तुरंत यूरिन आना
- यूरिन पास करते समय जलन और दर्द
- यूरिन करते समय दिक्कत और दबाव महसूस करना
- अंडकोष और लिंग और श्रोणि में दर्द
- पेट और पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना
- यूरिन में खून आना
- जी मिचलाना या उल्टी का अहसास होना
- संभोग के दौरान दर्द महसूस होना
- कभी कभी बुखार या ठंड महसूस होती है
पीएसए टेस्ट किस तरह होता है?
प्रोस्टेट के आकार के बढ़ने और प्रोस्टेट में इंफेक्शन की जांच के लिए पीएसए टेस्ट (psa test in hindi) की सलाह दी जाती है। पीएसए यानी प्रोस्टेट विशिष्ट एंटीजन टेस्ट (prostate specific antigen in hindi) एक तरह का ब्लड टेस्ट है जिसके जरिए शरीर के खून में पीएसए नाम के प्रोटीन की मात्रा की जांच की जाती है। पीएसए ऐसा प्रोटीन है जिसे प्रोस्टेट ग्रंथि बनाती है और इसका बढ़ा हुआ स्तर प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं का संकेत देता है। पीएसए टेस्ट में पीएसए का बढ़ा हुआ स्तर प्रोस्टेट बढ़ने, प्रोस्टेट इंफेक्शन, प्रोस्टेट में सूजन का संकेत देता है।
प्रोस्टेट पुरुषों के शरीर में मौजूद वो अहम ग्रंथि है जो प्रजनन क्षमता को सुचारू रूप से चलाने के लिए अहम मानी जाती है। उम्र के साथ अक्सर प्रोस्टेट बढ़ (प्रोस्टेट क्यों बढ़ता है) जाता है जो कई बीमारियों का कारण बन सकता है। प्रोस्टेट की नियमित जांच और प्रोस्टेट इंफेक्शन के लक्षणों को सही समय पर पहचान कर इसे स्वस्थ रखा जा सकता है। अगर किसी मरीज में प्रोस्टेट बढ़ने या प्रोस्टेट इंफेक्शन के लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टरी परामर्श करें। डॉक्टरी परामर्श के बाद पीएसए टेस्ट (psa test in hindi) के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।
FAQ
प्रोस्टेट क्यों बढ़ता है?
उम्र बढ़ने के साथ साथ शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के चलते प्रोस्टेट बढ़ जाता है। एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन की कमी भी प्रोस्टेट के बढ़ने का कारण बनती है।
प्रोस्टेट के लिए कौन सी जांच होती है?
प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं की जांच के लिए पीएसए टेस्ट (psa test in hindi) किया जाता है। पीएसए यानी प्रोस्टेट विशिष्ट एंटीजन टेस्ट शरीर में पीएसए नामक प्रोटीन की मात्रा की जांच करता है। शरीर में पीएसए का बढ़ा हुआ स्तर प्रोस्टेट संबंधी बीमारियों का संकेत देता है।








