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विटामिन डी (Vitamin-D) की कमी- कारण, लक्षण और बचाव

Medically Approved by Dr. Seema

Table of Contents

स्वस्थ शरीर और मजबूत हड्डियों के लिए शरीर में पर्याप्त विटामिन डी की जरूरत होती है। विटामिन डी (vitamin d in hindi) शरीर में बनने वाला ऐसा पोषक तत्व है जो कैल्शियम और फास्फोरस के अवशोषण के लिए जरूरी माना जाता है क्योंकि ये दोनों ही हडिडयों को मजबूत बनाने का काम करते हैं। अगर शरीर में इस विटामिन की कमी हो जाए तो इससे हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों के कामकाज पर बुरा असर होता है। इस विटामिन की कमी के चलते इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा प्रणाली भी कमजोर होती है। भारत जैसे देश में एक बड़ी आबादी विटामिन डी (vitamin d deficiency symptoms in hindi) की कमी से जूझ रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान की रिपोर्ट कहती है कि भारत की भौगोलिक स्थिति और एक बड़ी आबादी की लाइफस्टाइल के चलते काफी लोग इसका शिकार हो रहे हैं। इस लेख में जानते हैं कि इस विटामिन की कमी क्यों होती है और विटामिन डी कैसे बढ़ाएं। इसके साथ साथ जानेंगे विटामिन डी की कमी के लक्षण (vitamin d deficiency symptoms in hindi) और इसके टेस्ट के बारे में सब कुछ।

विटामिन डी की कमी क्या है?

 

विटामिन डी की (vitamin d deficiency symptoms in) कमी ऐसी शारीरिक स्थिति है जिसमें किसी व्यक्ति के खून में जरूरी कहे जाने वाले इस विटामिन का स्तर hindi सामान्य सीमा से नीचे चला जाता है। शरीर में इस विटामिन की कमी का आकलन सीरम 25-हाइड्रॉक्सीविटामिन डी (25(OH)D) की मात्रा को मापकर (विटामिन डी टेस्ट)किया जा सकता है। शरीर में इस विटामिन की सामान्य मात्रा को तीन चरणों में बांटकर समझा जा सकता है:-

  1. विटामिन डी की कमी – 20 ng/mL (50 nmol/L) से कम
  2. अपर्याप्त विटामिन डी – 20–30 ng/mL (50–75 nmol/L)
  3. विटामिन डी गंभीर कमी: 12 ng/mL (30 nmol/L) से कम

शरीर में इस विटामिन (vitamin d in hindi) का सामान्य स्तर कैल्शियम औऱ फास्फोरस के सही अवशोषण के साथ साथ मांसपेशियों के सही कामकाज में मददगार साबित होता है। वहीं अगर शरीर में इस विटामिन की कमी हो जाए तो ये स्थिति मस्कुलोस्केलेटल डिस्ऑर्डर का कारण बन सकती है। इसके अलावा ये विटामिन कम होने से कई लंबी और गंभीर बीमारियों का भी खतरा पैदा हो सकता है।

विटामिन डी की कमी क्यों होती है?

 

विटामिन डी की कमी के कई कारण हो सकते हैं। शरीर में इस विटामिन की कमी के सामान्य कारण इस प्रकार हैं –

  1. धूप का कम एक्सपोजर– जो लोग धूप में कम रहते हैं उन्हें अक्सर ये समस्या हो जाती है।
  2. विटामिन डी युक्त आहार का कम सेवन– जो लोग अपनी डाइट में विटामिन डी युक्त आहार नहीं लेते, उन्हें भी इस विटामिन की कमी का सामना करना पड़ता है।
  3. आंतों में अवशोषण के दौरान दिक्कत– सीलिएक रोग के चलते आंत में खराब अवशोषण के कारण भी ये स्थिति पैदा हो जाती है।
  4. किडनी औऱ लिवर के डिस्ऑर्डर के चलते भी विटामिन डी अपर्याप्त हो जाता है।
  5. मोटापा– अतिरिक्त वजन के चलते शरीर में जमा ज्यादा फैट विटामिन डी को स्टोर कर लेती है जिससे शरीर में ये विटामिन कम हो जाता है।

विटामिन डी की कमी के लक्षण क्या हैं?

 

आपको बता दें कि कैल्शियम और फास्फोरस जैसे मिनरल्स के अवशोषण के लिए विटामिन डी (vitamin d in hindi) बहुत जरूरी माना जाता है। शरीर में इन मिनरल्स की कमी से हड्डियों की मजबूती और स्वस्थ टिश्यू के उत्पादन पर बुरा असर होता है। विटामिन डी की कमी के लक्षण (vitamin d deficiency symptoms in hindi) इस प्रकार दिखते हैं –

  1. थकान
  2. ऊर्जा की कमी
  3. मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन
  4. हडिडयों में दर्द और अकड़न
  5. जोड़ो में दर्द और अकड़न
  6. मूड चेंज जैसे डिप्रेशन और एंजाइटी
  7. चोट लगने पर घाव भरने में देर लगना
  8. बार बार इंफेक्शन होना
  9. कमजोर इम्यून सिस्टम
  10. कैल्शियम की कमी से हड्डियों का नर्म होना
  11. सैकेंडरी हाइपोपैराथायरॉडिज्म

बच्चों में इस विटामिन की कमी से रिकेट्स नामक बीमारी हो जाती है। रिकेट्स के लक्षण इस प्रकार हैं –

  1. मांसपेशियों का कमजोर होना
  2. हड्डियों में दर्द होना
  3. जोड़ो की विकृति यानी जोड़ो का टेड़ा मेड़ा होना
  4. हड्डियों का अंदर की तरफ मुड़ जाना

विटामिन डी की कमी से कैसे बचाव करें?

 

विटामिन डी की कमी (deficiency of vitamin d in hindi) को रोकने के लिए कुछ खास उपाय कारगर साबित हो सकते हैं। इस विटामिन की कमी को रोकने (विटामिन डी कैसे बढ़ाएं) के लिए ये उपाय असरदार हैं –

  1. धूप में समय बिताएं – धूप के संपर्क में आने पर त्वचा इस जरूरी विटामिन का उत्पादन करती है। इसलिए कुछ वक्त धूप में जरूर बिताएं। हालांकि ज्यादा धूप का एक्सपोजर त्वचा पर बुरा असर डाल सकता है। इसलिए सीमित समय धूप में बिताएं
  2. ऐसे आहार जिनमें विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में होता है, उनका सेवन करें। इस विटामिन से भरपूर फूड्स में वसायुक्त मछलियां, फोर्टिफाइड अंडे की जर्दी, पनीर और मशरूम अच्छे विकल्प हैं। इसके अलावा डेयरी प्रोडक्ट, संतरे का रस और अनाज आदि भी लिए जा सकते हैं।
  3. अगर आहार से आप शरीर में इस विटामिन की कमी पूरी नहीं हो रही है तो इसके (vitamin d in hindi) के सप्लीमेंट्स लिए जा सकते हैं। सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

अगर किसी व्यक्ति में विटामिन डी की कमी (vitamin d deficiency symptoms in hindi) के लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टरी सलाह के बाद डॉ. लाल पैथलैब्स में विटामिन डी टेस्ट बुक करें। विटामिन डी टेस्ट बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।

FAQ

 

शरीर में विटामिन डी कैसे बढ़ाएं?

शरीर में इस जरूरी कहे जाने वाले विटामिन की कमी पूरी करने के लिए पर्याप्त धूप का सेवन, संतुलित और पोषक आहार का सेवन और कुछ मामलों में इसके सप्लीमेंट्स लिए जाते हैं।

विटामिन डी (deficiency of vitamin d in hindi) से भरपूर खाद्य पदार्थ कौन से हैं?

विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों में कुछ वसायुक्त मछलियां जैसे सैल्मन, मैकेरल और टूना और अंडे की जर्दी अच्छा विकल्प हैं। अगर शाकाहारी हैं तो इस विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए मशरूम, दूध, दही, अनाज और संतरे का रस लिया जा सकता है।

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