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थायरॉइड कैंसर के लक्षण और शुरुआती जांच

Medically Approved by Dr. Seema

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कैंसर एक जानलेवा बीमारी कही जाती है जो कई रूपों में सामने आती है। इन्हीं में से एक है थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer)। थायरॉइड कैंसर गले में तितली के आकार की थायरॉइड ग्रंथि में होने वाला कैंसर है। थायरॉइड ग्रंथि में कोशिकाओं का असामान्य रूप से बढ़ता आकार और संख्या थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) का कारण बनती है। आपको बता दें कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं थायरॉइड कैंसर का तीन गुना ज्यादा शिकार बनती हैं। थायरॉइड कैंसर होने पर मरीज के शरीर में कई तरह के लक्षण दिखते है जैसे आवाज बदल जाना, गर्दन में गांठ दिखना, कुछ निगलने में दिक्कत होन आदि।

कई बार सिर और गर्दन की किसी सर्जरी और कुछ आनुवांशिक कारक भी थायरॉइड कैंसर का कारण कहे जाते हैं। हालांकि थायरॉइड कैंसर का इलाज संभव है लेकिन अगर समय रहते थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) के लक्षण नजरंदाज किए जाएं तो ये गंभीर और जानलेवा रूप ले सकता है।

ऐसे में जरूरी है कि थायरॉइड कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचान कर थायरॉइड कैंसर की शुरूआती और सटीक जांच करवाई जाए, जिससे इसका प्रभावी और सटीक उपचार हो सके। इस लेख में जानते हैं कि थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) क्या है और महिलाओं में थायरॉइइड कैंसर के लक्षण किस प्रकार दिखते हैं। साथ ही जानेंगे इसकी शुरूआती जांच किस तरह की जाती है।

 

थायरॉइड कैंसर क्या है?

 

गर्दन के सामने निचले हिस्से में स्थित तितली के आकार की एक ग्रंथि होती है जिसे थायरॉइड ग्रंथि कहा जाता है। थायरॉइड ग्रंथि शरीर के कई महत्वपूर्ण हार्मोन रिलीज करती है जो मेटाबॉलिज्म और शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के साथ साथ हार्ट बीट और ब्लड प्रेशर को भी रेगुलेट करते हैं। जब इस थायरॉइड ग्रंथि में स्थित कोशिकाएं असामान्य और अनियंत्रित रूप से फैलने लगती हैं तो एक गांठ यानी ट्यूमर बन जाता है। इसे ही थायरॉइड कैंसर कहते हैं। थायरॉइड कैंसर मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है, पहला पैपिलरी, दूसरा फॉलिक्यूलर, तीसरा मेडुलरी और चौथा एनाप्लास्टिक। इनमें पैपिलरी और फॉलिक्यूलर बेहद आम हैं और इनके मरीजों की संख्या ज्यादा होती है।

 

आपको बता दें कि थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer)का इलाज संभव है लेकिन ये इलाज मरीज की स्थिति और कैंसर की स्टेज पर निर्भर करता है। महिलाओं को थायरॉइड कैंसर पुरुषों की तुलना में तीन गुना ज्यादा होता है। ऐसे में महिलाओं को इस गंभीर कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचानना काफी जरूरी हो जाता है।

 

थायरॉइड कैंसर के लक्षण क्या हैं?

 

थायरॉइड कैंसर के शुरूआती लक्षण काफी साइलेंट होते हैं जिसके चलते मरीज इन्हें अक्सर नजरंदाज करने लगता है। इसके सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं –

 

  • गर्दन या गले में गांठ जैसा महसूस होना।
  • गले में सूजन आना।
  • आवाज में बदलाव होना, ऐसा महसूस होना जैसे आवाज बैठ गई हो।
  • भोजन को निगलने में दिक्कत महसूस होना
  • गले, गर्दन, कान के आस पास दर्द महसूस होना
  • लिम्फ नोड्स में सूजन आना
  • लिम्फ नोड्स में लगातार दर्द होना
  • सांस लेने में तकलीफ महसूस होना
  • लगातार खांसी आना
  • गले में घरघराहट महसूस होना
  • गर्दन का निचला हिस्सा भारी और सूजा हुआ दिखना
  • वजन में एकाएक गिरावट आना
  • थकान और कमजोरी महसूस होना
  • अचानक चेहरा लाल हो जाना
  • बालों का गिरना

 

थायरॉइड कैंसर के क्या कारण हैं?

 

थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) कई कारणों से हो सकता है। थायरॉइड ग्रंथि (thyroid gland) के डीएनए में उत्परिवर्तन के कारण कोशिकाएं तेजी और अनियंत्रित रूप से फैलती है और इससे ट्यूमर बनता है जो दूसरे अंगों तक फैल जाता है। देखा जाए थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) के लिए जिम्मेदार डीएनए उत्परिवर्तन पारिवारिक इतिहास या जेनेटिक म्यूटेशन के चलते भी हो सकता है। इसके अन्य भी कई कारण हैं जो इस प्रकार हैं –

 

  • जेनेटिक म्यूटेशन – थायरॉइड ग्रंथि की कोशिकाओं के डीएनए में उत्परिवर्तन के चलते ये कोशिकाएं बढ़कर ट्यूमर बनाती हैं। ये म्यूटेशन आनुवांशिक यानी जेनेटिक भी हो सकता है और ऐसा भी संभव है कि पारिवारिक इतिहास होने के कारण डीएनए में ऐसे परिवर्तन हो रहे हों।
  • रेडिएशन का संपर्क – बचपन में किसी रेडिएशन के संपर्क में आने के कारण भी ऐसा होता है। इसके अलावा दिमाग, गले औऱ सीने में किसी रेडिएशन थैरेपी के चलते भी थायरॉइड कोशिकाओं में परिवर्तन हो सकता है।
  • थायरॉइड कंडीशन – थायरॉइड ग्रंथि का बढ़ना जिसे आम भाषा में गंडमाला कहा जाता है, एक आम बीमारी है, ये बीमारी भी थायरॉइड कैंसर की वजह बन सकती है। इसके अलावा हाशिमोटो थाइरॉइडिटिस जैसी कंडीशन भी थायरॉइड कैंसर का कारण बन सकती हैं।
  • आयोडीन डाइट में कमी – अगर डाइट में आयोडीन ज्यादा ले रहे हैं या भी सामान्य से कम ले रहे हैं तो ये वजह भी थायरॉइड कैंसर का कारण बन जाती है।
  • जैंडर – आमतौर पर महिलाएं पुरुषों की तुलना में थायरॉइड कैंसर के ज्यादा रिस्क में आती हैं।
  • उम्र – 25 से 65 वर्ष के लोग दूसरे लोगों की तुलना में थायरॉइड कैंसर के ज्यादा शिकार होते हैं।

 

थायरॉइड कैंसर की जांच किस तरह की जाती है?

 

थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer)की जांच के लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं। थायरॉइड कैंसर की जांच के लिए किए जाने वाले टेस्ट इस प्रकार हैं –

 

  • फिजिकल टेस्ट (Physical Test) – डॉक्टल लिम्फ नोड्स को छूकर उनका आकलन करते हैं।
  • ब्लड टेस्ट (Blood Test) – इस टेस्ट में थायरॉइड हार्मोन यानी टी3, टी4 और टीएसएच का स्तर मापा जाता है। इसके अलावा थायरॉइड कैंसर कैंसर की आशंका को पहचानने के लिए कैल्सीटोनिन और थायरोग्लोब्युलिन का लेवल भी चैक किया जाता है।
  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) – थायरॉइड ग्रंथि की असामान्यता जैसे उसका आकार, उसकी बनावट और उसमें मौजूद गांठ या अन्य असमानता का पता करने के लिए अल्ट्रासाउंड किया जाता है।
  • एफएनए बायोप्सी (FNA Biopsy) – इस प्रोसेस में एक पतली सीरिंज के जरिए थायरॉइड कोशिकाओ का एक सैंपल निकाला जाता है और माइक्रोस्कोप की मदद से उसमें कैंसर की आशंका की जांच की जाती है।
  • रेडियोआयोडीन स्कैन (Radioiodine Scan) – इस जांच में मरीज को एक रेडियोआयोडीन की गोली यानी टेबलेट दी जाती है। इसके बाद स्कैन किया जाता है और देखा जाता है कि क्या थायरॉइड कोशिकाएं आयोडीन को अवशोषित कर रही हैं या नहीं। इसके साथ ही ये भी देखा जाता है कि कैंसर कहां तक फैला है।
  • इमेजिंग टेस्ट (Imaging Test) – इमेजिंग टेस्ट में एमआरआई और सीटी स्कैन की मदद से ये देखा जाता है कि कैंसर कहां तक फैल रहा है।

 

थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) गंभीर बीमारी है और पुरुषों की तुलना में ये कैंसर महिलाओं को ज्यादा होता है। अगर इसके लक्षणों को सही समय पर पहचान कर इसका प्रबंधन किया जाए तो मरीज ठीक हो सकता है। अगर किसी मरीज में थायरॉइड कैंसर के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टरी जांच जरूरी है। डॉक्टरी जांच के पश्चात इस कैंसर से संबंधित टेस्ट के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।

 

FAQ

 

महिलाओं में थायरॉइड कैंसर के लक्षण क्या हैं?
महिलाओं में थायरॉइड कैंसर के लक्षण गले में भारीपन, थकान, गर्दन में सूजन, आवाज में बदलाव, लिम्फ नोड्स में सूजन के रूप में दिखते हैं।

 

क्या थायरॉइड कैंसर के लक्षण का इलाज संभव है?
हां, अगर मरीज के लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो सटीक निदान और प्रभावी प्रबंधन की मदद से इसका इलाज संभव है।

 

महिलाओं में थायरॉइड कैंसर के लक्षण क्या हैं?
महिलाओं में थायरॉइड कैंसर के लक्षण गले में भारीपन, थकान, गर्दन में सूजन, आवाज में बदलाव, लिम्फ नोड्स में सूजन के रूप में दिखते हैं।

क्या थायरॉइड कैंसर के लक्षण का इलाज संभव है?
हां, अगर मरीज के लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए तो सटीक निदान और प्रभावी प्रबंधन की मदद से इसका इलाज संभव है।

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