यूरिन में पस सेल्स ज्यादा होने के लक्षण और इलाज
- 3 Oct, 2025
- Written by Team Dr Lal PathLabs
Medically Approved by Dr. Seema
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हमारे शरीर की संरचना ऐसी है कि कई तरह के अपशिष्ट पदार्थ यानी टॉक्सिन फिल्टर होकर यूरिन यानी पेशाब के रास्ते बाहर निकाले जाते हैं। देखा जाए किडनी खून से इन टॉक्सिन को फिल्टर करती है ये सभी टॉक्सि यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल कर शरीर को डिटॉक्सिफाई करते हैं। यूरिन शरीर में एक्स्ट्रा पानी और सोडियम यानी नमक को बाहर निकाल कर शरीर में फ्लुडइ का संतुलन बनाए रखता है। ऐसे में अगर यूरिन में पस सेल्स (pus cells in urine in hindi) यानी मवाद कोशिकाएं ज्यादा हो जाएं तो यूटीआई और किडनी में इंफेक्शन जैसी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। पेशाब में मवाद कोशिकाएं बढ़ने पर इसकी जांच के लिए यूरिन कल्चर टेस्ट की सलाह दी जाती है। यूरिन कल्चर टेस्ट की मदद से पेशाब में मवाद कोशिकाओं (pus cells in urine in hindi) की संख्या की जांच की जाती है और इससे जुड़ी समस्याओं का निदान किया जाता है। इस लेख में जानते हैं कि यूरिन में पस सेल्स (pus cells in hindi) क्यों बढ़ते हैं और पेशाब में मवाद कोशिकाएं (pus cells in urine in hindi) बढ़ने के क्या कारण हैं। साथ ही जानेंगे यूरिन कल्चर टेस्ट नॉर्मल रेंज (normal pus cells in urine) के बारे में सब कुछ।
यूरिन में पस सेल्स क्यों बढ़ते हैं?
देखा जाए तो यूरिन में पस आना यानी पेशाब में मवाद आना यूरिन ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) यानी मूत्र पथ संक्रमण का एक संकेत है। अगर यूरिन में पस (pus cells in urine in hindi) आ रहा है तो इसका मतलब है कि यूरिन में व्हाइट ब्लड सेल्स यानी श्वेत रक्त कोशिकाएं मौजूद हैं। ये यूटीआई का साफ संकेत है। इसके अलावा किडनी का संक्रमण जिसे पायलोनेफ्राइटिस भी कहा जाता है, भी यूरिन में पस सेल्स (pus cells in urine in hindi) बढ़ने का कारण माना जाता है। कुछ यौन संचारित रोग, किडनी की पथरी, कुछ गैर स्टेरॉयइड दवाओं के सेवन से भी यूरिन में पस सेल्स (pus cells in hindi) बढ़ने लगती हैं। इसके साथ साथ सैप्सिस, यूरिन ट्रैक्ट में ट्यूमर या तपेदिक यानी टीबी की वजह से भी पेशाब में मवाद कोशिकाएं (pus cells in hindi) बढ़ने लगती हैं।
यूरिन में पस सेल्स बढ़ने के क्या नुकसान हैं?
आपको बता दें कि यूरिन में पस सेल्स बढ़ना (pus cells in urine in hindi) संक्रमण का संकेत है और अगर इसे अनदेखा किया जाए तो ये कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। आपको बता दें कि जब शरीर किसी संक्रमण के खिलाफ लड़ता है तो यूरिन में अपने आप पस सेल्स (pus cells in hindi) में इजाफा हो जाता है। जितना ज्यादा गंभीर संक्रमण, पस सेल्स की संख्या (pus cells in hindi) उतनी ही बढ़ जाती है यूरिन यूरिन में पस सेल्स बढ़ने के नुकसान इस प्रकार हैं –
- किडनी को नुकसान – यूरिन में पस सेल्स का बढ़ना पायलोनेफ्राइटिस का संकेत है। अगर इस परेशानी का समय रहते इलाज न करवाया जाए तो किडनी को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
- कमजोर इम्यून सिस्टम – अगर शरीर का इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है तो वो संक्रमण से लड़ने में नाकामयाब होने लगती है और यूरिन में पस सेल्स (pus cells in hindi) बढ़ने लगते हैं।
- सेप्सिस होने का रिस्क – यूरिन में पस सेल्स ज्यादा बढ़ जाए तो शरीर सेप्सिस जैसे गंभीर इंफेक्शन का शिकार बन सकता है।
- यूटीआई का गंभीर होना – अगर यूरिन में पस सेल्स हैं तो ये यूरिन ट्रैक्ट को नुकसान पहुंचाते हैं और यूटीआई को गंभीर बना सकते हैं।
यूरिन में पस सेल्स बढ़ने के लक्षण क्या हैं?
यूरिन में पस सेल्स बढ़ने (pus cells in urine in hindi) के कई तरह के लक्षण दिखते हैं जिन्हें नजरंदाज नहीं करना चाहिए। यूरिन में पस सेल्स बढ़ने (pus cells in hindi) के लक्षण इस प्रकार हैं –
- यूरिन करते समय जलन होना
- बार बार यूरिन करने की इच्छा होना
- पेट के निचले हिस्से में दर्द होना
- यूरिन में बदबू आना
- यूरिन करते समय दर्द महसूस होना
- यूरिन रुक रुक कर आना
- यूरिन में झाग दिखाई देना
- यूरिन में खून दिखाई देना
- बुखार आना
- मतली उल्टी
- महिलाओं में असामान्य वेजाइनल डिस्चार्ज
यूरिन कल्चर टेस्ट क्यों करवाया जाता है?
यूरिन में पस सेल्स (pus cells in urine in hindi) की संख्या और उतार चढ़ाव को मापने के लिए डॉक्टर अक्सर यूरिन कल्चर टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इस टेस्ट में यूरिन की जांच करके उसमें बैक्टीरिया, फंगल और दूसरे तरह के संक्रमणों की मौजदूगी का पता लगाया जाता है। आमतौर पर यूटीआई की जांच के लिए यूरिन कल्चर टेस्ट बहुत कारगर साबित होता है। यूरिन कल्चर टेस्ट न केवल यूरिन में पस सेल्स (normal pus cells in urine) और संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया का पता लगाता है बल्कि इसकी मदद से ये तय करने में आसानी होती है कि किस तरह की एंटी बायोटिक दवाएं बैक्टीरिया को खत्म करने में मददगार साबित होंगी।
यूरिन में पस सेल्स (pus cells in urine in hindi) बढ़ना कई तरह की गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। आपको बता दें कि सही समय पर लक्षणों की पहचान ही इसके इलाज में मददगार साबित होती है। ऐसे में यूरिन में पस सेल्स के बढ़ने के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टरी परामर्श करना चाहिए। डॉक्टरी परामर्श के बाद डॉ. लाल पैथलैब्स में यूरिन कल्चर टेस्ट के लिए शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।
FAQ
पेशाब में मवाद कोशिकाएं क्यों बढ़ती हैं।
पेशाब में मवाद कोशिकाएं श्वेत रक्त कोशिकाओं की मौजूदगी (pus cells in hindi) के कारण बढ़ती हैं। इसके कई कारण हैं जैसे, यूटीआई, किडनी का संक्रमण, इम्यून सिस्टम का कमजोर होना, किडनी की पथरी और यौन संचारित रोग आदि।
यूरिन कल्चर टेस्ट क्यों किया जाता है?
यूरिन कल्चर टेस्ट यूरिन में संक्रमण की पहचान करने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट की मदद से शरीर में संक्रमण और उसको खत्म करने के लिए इलाज के लिए दवाओं के चुनाव में भी मदद मिलती है।








