logo

सोरायसिस क्या है? कारण, लक्षण और इलाज की पूरी जानकारी

Medically Approved by Dr. Seema

Table of Contents

सोरायसिस

 

सोरायसिस (psoriasis meaning in hindi) त्वचा की ऐसी बीमारी है जिसमें त्वचा पर लाल और पपड़ीदार चकत्ते पड़ने लगते हैं। सोरायसिस (psoriasis kya hota hai) एक ऑटो इम्यून डिस्ऑर्डर है जिसमें त्वचा के भीतर की सफेद रक्त कोशिकाएं सामान्य रफ्तार से ज्यादा तेजी से बढ़ने लगती हैं त्वचा की कोशिकाओं पर हमला करने लगती हैं. ऐसे में त्वचा पर खुजली और दर्द होने लगता है। देखा जाए तो ये एक संक्रामक बीमारी नहीं है लेकिन ये त्वचा को काफी नुकसान पहुंचाती है और मरीज इसके चलते मानसिक तनाव का शिकार होने लगता है। इस लेख में जानते हैं कि सोरायसिस क्या (psoriasis kya hota hai) है और सोरायसिस क्यों होता है। इसके साथ साथ जानेंगे सोरायसिस के लक्षण और सोरायसिस के नुकसान आदि के (psoriasis meaning in hindi) बारे में सब कुछ।

 

सोरायसिस क्या है?

सोरायसिस (psoriasis meaning in hindi) ऐसी मेडिकल कंडीशन है जिसमें शरीर की सफेद रक्त कोशिकाएं खुद ही संख्या बढ़ाने लगती हैं और त्वचा की कोशिकाओं पर हमला करना शुरू कर देती हैं। ये (psoriasis kya hota hai) एक ऑटो इम्यून बीमारी है जिसके चलते स्किन सेल्स 10 गुना ज्यादा तेजी से बढ़ने लगती हैं। जब ये कोशिकाएं बढ़ती हैं तो एक जगह जमा होने लगती हैं जिससे त्वचा पर जगह जगह लाल पपड़ीदार धब्बे बनने लगते हैं। इन धब्बों को प्लॉक कहते हैं। ये प्लॉक आमतौर पर पीठ के निचले हिस्से, खोपड़ी के बीच में, हाथ और पैरों के तलवों, कान के पीछे, घुटनों और कोहनी के आस पास पनपते हैं। हालांकि कई मामलों में ये शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी बनने लगते हैं।

 

सोरायसिस (psoriasis meaning in hindi) कई प्रकार का होता है। इसमें प्लॉक सोरायसिस सबसे आम (psoriasis kya hota hai) कहा जाता है। इसके अलावा गुटेट सोरायसिस, इनवर्स सोरायसिस, पुस्टुलर सोरायसिस, एरिथ्रोडर्मिक सोरायसिस, सेबोप्सो सोरायसिस, नेल सोरायसिस भी इसके रूप हैं।

 

सोरायसिस क्यों होता है?

सोरायसिस (psoriasis meaning in hindi) ऐसी ऑटो इम्यून बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ही त्वचा की कोशिकाओं के खिलाफ गलत रिएक्शन देने लगती है। इस बीमारी (psoriasis kya hota hai) के कारण इस प्रकार हैं –

 

  1. इम्यून सिस्टम का रिएक्शन – इस स्थिति में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ही कोशिकाओं पर हमला करना शुरू कर देती है।
  2. आनुवांशिक कारण – परिवार में अगर किसी को पहले से ये बीमारी है तो ये बीमारी दूसरे सदस्यों को भी होने का रिस्क रहता है।
  3. इंफेक्शन – कई तरह के संक्रमण जैसे स्ट्रेप थ्रोप भी इस बीमारी के लिए जिम्मेदार कहे जाते हैं।
  4. लाइफस्टाइल – लाइफस्टाइल संबंधी कारक जैसे शराब का ज्यादा सेवन और ज्यादा स्मोकिंग करने से भी ये रोग हो सकता है।
  5. दवाएं – कुछ खास दवाएं भी इस बीमारी के खतरे को बढ़ा देती हैं।
  6. स्ट्रेस – कई बार मानसिक और भावनात्मक तनाव के चलते भी ये रोग हो सकता है।

 

सोरायसिस के लक्षण क्या हैं?

सोरायसिस के लक्षण त्वचा पर धब्बे, खुजली और दर्द के रूप में दिखते हैं। सोरायसिस के लक्षण कुछ हफ्तों से लेकर महीनों (psoriasis meaning in hindi)तक रह सकते हैं। सोरायसिस के लक्षण इस प्रकार हैं –

 

  1. त्वचा पर खुजली होना
  2. त्वचा में जलन होना
  3. त्वचा में दर्द और खिंचाव होना
  4. त्वचा पर लाल पपड़ीदार धब्बे यानी प्लॉक दिखाई देना
  5. प्लॉक में से ब्लीडिंग होना
  6. जोड़ों में सूजन आना और कई बार दर्द होना। ये सोरियाटिक गठिया का लक्षण है।
  7. त्वचा पर रूखापन आना
  8. नाखूनों का मोटा और गड्ढेदार होना
  9. कई बार त्वचा पर सफेद मवाद भरे दाने भी दिखते हैं। ये पुस्टुलर सोरायसिस का लक्षण है।

 

सोरायसिस के नुकसान क्या हैं?

देखा जाए तो सोरायसिस (psoriasis kya hota hai) त्वचा से जुड़ा गंभीर रोग है जिसका शरीर के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर होता है। सोरायसिस के नुकसान (psoriasis meaning in hindi) इस प्रकार हैं –

 

  1. त्वचा संबंधी दिक्कतें – सोरायसिस में त्वचा पर जलन, खुजली, दर्द, ब्लीडिंग होता है। इससे त्वचा पर पपड़ीदार धब्बे और मवाद भरे दाने निकलते हैं जिनमें काफी दर्द होता है।
  2. दैनिक जीवन पर असर – हाथ पैरों की त्वचा पर दर्द, जलन और दानों के चलते रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर होता है और कई बार इससे सोना और खाना पीना भी मुहाल हो जाता है।
  3. ओस्टियोपोरोसिस – सोरायसिस के चलते हड्डियां और जोड़ (psoriasis meaning in hindi)कमजोर होने लगते हैं जिससे ओस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। सोरायसिस के चलते हड्डियों के बार बार फ्रैक्चर होने के भी रिस्क बढ़ जाते हैं।
  4. सोरायटिक गठिया – सोरायसिस के लगातार रहने पर सोराइटिक गठिया के रिस्क बढ़ जाते हैं।
  5. नाखूनों पर असर – सोरायसिस की वजह से नाखूनों की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। इससे नाखून सख्त या ढीले, गड्ढेदार हो जाते हैं और उनका रंग भी बदल जाता है।
  6. मानसिक तनाव – सोरायसिस की वजह से व्यक्ति मानसिक अवसाद में आ सकता है।

 

सोरायसिस की जांच किस तरह होती है?

सोरायसिस (psoriasis meaning in hindi) की पहचान के लिए कई तरीके उपलब्ध हैं। इसमें डॉक्टर मरीज के शरीर पर लाल पपड़ीदार धब्बों की जांच करते हैं। इसके साथ मरीज की खोपड़ी और नाखूनों की भी जांच की जाती है। इसके अलावा स्किन बायोप्सी के जरिए भी सोरायसिस की जांच की जाती है। इसमें स्किन का एक छोटा सा टुकड़ा निकालकर उसे लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजा जाता है।

 

 

सोरायसिस (psoriasis meaning in hindi) एक ऑटो इम्यून रोग है जिसमें त्वचा पर लाल पपड़ीदार धब्बे पड़ने लगते हैं। देखा जाए तो सोरायसिस स्किन संबंधी रोग है लेकिन इसका असर मेंटल हैल्थ पर भी पड़ता है। ऐसे में सोरायसिस के सटीक उपचार के लिए सोरायसिस के लक्षण को समय पर पहचानना काफी जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति में सोरायसिस के लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टरी परामर्श लें। डॉक्टरी परामर्श के बाद सोरायसिस टेस्ट के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।

 

FAQ

सोरायसिस किसको होता है?

हालांकि सोरायसिस किसी भी उम्र के किसी भी व्यक्ति को हो सकता है लेकिन इसके आनुवांशिक होने का ज्यादा खतरा होता है। यानी अगर किसी के परिवार में माता, पिता, भाई या बहन को ये बीमारी है तो संभव है कि दूसरे लोगों को भी इसके होने का खतरा है।

 

सोरायसिस के लक्षण किस तरह दिखते हैं?

सोरायसिस के लक्षण त्वचा पर लाल पपड़ीदार धब्बों के रूप में दिखते हैं। इसमें त्वचा पर खुजली और जलन होती है। कई बार इन धब्बों से खून भी निकलने लगता है।

8 Views

Get Tested with Doctor-Curated Packages for a Healthier Life

Related Posts

Categories

Other Related Articles