गर्मियों में त्वचा की एलर्जी और हीट रैश से बचाव के तरीके
- 28 Apr, 2025
- Written by Team Dr Lal PathLabs
Medically Approved by Dr. Seema
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गर्मियां आते ही शरीर के साथ साथ त्वचा पर भी बुरा असर दिखने लगता है। गर्मी के मौसम त्वचा की एलर्जी (Skin allergies) के मामलों में इजाफा हो जाता है। त्वचा पर एलर्जी तब होती है जब एलर्जेन कहलाने वाले मोल्ड (mould), पराग (pollen) या धूल के कण (dust mites) त्वचा के संपर्क में आते हैं। ऐसे में इम्यून सिस्टम इन एलर्जेन को खतरनाक मानकर इनके खिलाफ रिएक्शन करता है तो ये रिएक्शन ही एलर्जी कहलाता है। त्वचा की एलर्जी खासतौर पर गर्मियों के मौसम में ज्यदा होती है, इसका कारण लंबे समय तक धूप में रहना, ज्यादा पसीना आना, हवा में किसी पराग या कीड़े का काटना हो सकता है। त्वचा एलर्जी होने पर त्वचा पर खुजली, सूजन, लालिमा, चकत्ते यानी रैशेज और बंप यानी दाने आ जाते हैं। चलिए आज इस लेख में जानते हैं कि त्वचा की एलर्जी और हीट रैशेज क्या हैं। साथ ही जानेंगे इनके कारण, लक्षण और इनसे बचाव के तरीकों के बारे में सब कुछ।
त्वचा की एलर्जी क्या है ? (What is Skin Allergy?)
त्वचा की एलर्जी तब होती है जब जब त्वचा एलर्जेन बनाने वाले किसी तत्व या पदार्थ के सीधे संपर्क में आती है। ये संपर्क सांस के जरिए, छूने के जरिए, इंजेक्शन के जरिए या कुछ खाने या पीने के जरिए हो सकता है। जब इम्यून सिस्टम इन एलर्जेन के खिलाफ एंटीबॉडी बनाता है तो त्वचा पर इसका रिएक्शन दिखता है, इसके बाद जब एलर्जेन त्वचा के संपर्क में आते हैं तो वही एंटीबॉडी त्वचा पर रिएक्शन पैदा कर देती है, इन लक्षणों को ही एलर्जी कहा जाता है। एलर्जी पैदा करने वाले एलर्जेन में पराग, लेटेक्स या रबर के साथ साथ जहरीले और कैमिकल तत्व या सूरज की रोशनी भी शामिल हो सकती है। अलग अलग लोगों के लिए अलग अलग एलर्जेन एलर्जी पैदा करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। डॉक्टर से परामर्श के द्वारा किसी व्यक्ति के लिए त्वचा की एलर्जी की सही पहचान हो सकती है। त्वचा की एलर्जी कई प्रकार की होती है –
- एक्जिमा (atopic dermatitis) – इस एलर्जी में स्किन रूखी, सूखी, लाल, हो जाती है। इसमें खुजली होने लगती है और इरिटेशन होती है। ये एलर्जी अक्सर बच्चों में ज्यादा देखी जाती है। इस एलर्जी में त्वचा पर उभरे दानों में पानी और तरल पदार्थ भर जाता है जो रिसने भी लगता है।
- एलर्जिक संपर्क जिल्द की सूजन (Contact Dermatitis) – ये एलर्जी तब होती है जब त्वचा किसी एलर्जेन के संपर्क में आती है और रिएक्शन होता है, जैसे कुछ खास पौधे, खास धातुएं और कैमिकल्स आदि।
- पित्ती (Hives) – इसे आम भाषा में पित्ती उछलना बोलते हैं। इस एलर्जी स्किन पर सफेद और लाल खुजली करने वाले रैशेज यानी चकत्ते पड़ जाते हैं। जैसे ही शरीर एलर्जेन को लेकर रिएक्ट करता है स्किन में खुजली और इरिटेशन होने लगती है।
हीट रैशेज क्या हैं? (What is Heat Rash?)
हीट रैशेज दरअसल एक स्किन कंडीशन है जिसमें पसीना निकालने वाली ग्लैंड यानी ग्रंथियां बंद या अवरुद्ध हो जाती हैं। इसके चलते पसीना शरीर से बाहर नहीं निकल पाता और त्वचा पर खुजली, दाने या गांठें होने लगती हैं। इस दौरान स्किन पर खुजली होने लगती है, दानों पर खुजली करने से ये फूट सकते हैं और इनसे पानी निकलने लगता है। गर्म और उमस भरे मौसम में ये परेशानी आम होती है।
देखा जाए तो हीट रैशेज के लिए किसी खास उपचार की जरूरत महसूस नहीं होती है। लेकिन अगर ये रैशेज लंबे समय तक बने रहें या फिर इनमें पस या मवाद भर जाए तो मरीज को बुखार हो सकता है या लिम्फ नोड्स सूज सकते हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
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हीट रैश और त्वचा एलर्जी से बचाव कैसे किया जा सकता है? (How to Prevent Skin Allergies and Heat Rash in Summer?)
यूं तो गर्मी और उमस भरे मौसम में त्वचा की एलर्जी और हीट रैश आम बात है लेकिन कुछ खास सावधानियां बरत कर इनसे बचाव किया जा सकता है। गर्मियों में हीट रैश और त्वचा की एलर्जी से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं-
- एलर्जी पैदा करने वाले एलर्जेन यानी पदार्थो से बचे रहें या दूरी बनाकर रखें।
- उमस भरे मौसम में ढीले ढाले, हल्के और सूती वस्त्र पहनें जो त्वचा से पसीना और नमी को सोख सकें।
- सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें।
- गर्म मौसम में ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने से बचें।
- दोपहर के समय संभव हो तो घर से बाहर न निकलें।
- धूप की सीधी रोशनी में जाने से बचें।
- अगर बाहर जाना है तो पूरी बांह के कपड़े पहनें और सिर पर स्कार्फ और आंखों पर चश्मा जरूर लगाएं।
- नियमित रूप से ठंडे पानी से स्नान जरूर करें। इससे शरीर के रोमछिद्र खुले रहेंगे और पसीना ब्लॉक नहीं होगा।
- अगर बाहर से फिजिकल एक्टिविटी करके लौटे हैं तो कुछ देर बाद स्नान जरूर करें।
- नहाने के बाद स्किन को अच्छी तरह पोंछकर सुखा लें।
- स्किन पर ऐसे लोशन और क्रीम लगाने से बचें जो पसीना निकालने वाले रोम छिद्र बंद करते हों।
- अच्छी क्वालिटी की सनस्क्रीन लगाकर ही घर से बाहर निकलें।
- शरीर को हाइड्रेट रखें और ढेर सारा पानी पीते रहें।
- पानी के साथ साथ अन्य पोषक तरल पदार्थों का भी सेवन करें।
- घर और कमरे का तापमान ठंडा रखने के लिए कूलर, एसी या पंखे का प्रयोग करें।
- गर्म और उमस भरी हवा को रोकने के लिए घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
- घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का यूज करें।
- बिस्तर के तकिए और चादरों को नियमित रूप से जरूर धोएं।
गर्मियों के मौसम में त्वचा की एलर्जी और हीट रैशेज होना आम बात है। हालांकि अगर आप बचाव के तरीके और उचित कदम उठाते हैं तो इनका रिस्क कम किया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति को त्वचा की एलर्जी के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत हेल्थ केयर प्रोफेशनल को दिखाना चाहिए। त्वचा की एलर्जी संबंधित जांच के लिए डॉ. लाल पैथलेब्स में टेस्ट बुक करवा सकते हैं।
FAQ
गर्मियों में हीट रैश से कैसे बचाव कर सकते हैं? (How do you prevent heat rash in summer?)
गर्मियों में हीट रैश से बचाव करने के लिए हल्के रंग के ढीले ढाले सूती कपड़े पहनने चाहिए। धूप से बचाव करके और और ठंडे पानी से नहाकर हीट रैश से बचाव हो सकता है।
गर्मियों में त्वचा को गर्मी से कैसे बचा सकते हैं? (How to protect skin from summer heat?)
गर्मियों में त्वचा को गर्मी से बचाने के लिए दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर निकल रहे हैं तो त्वचा पर सनस्क्रीन, सिर पर स्कार्फ और आंखों पर चश्मा लगाकर ही निकलें।








