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ह्रदय रोग के शुरुआती लक्षण: इन्हें न करें नजरंदाज

Medically Approved by Dr. Shuchi

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Symptoms of Heart Problemदिल शरीर का वो महत्वपूर्ण अंग है जिसका सेहतमंद रहना शरीर की सेहत के लिए बेहद जरूरी होता है। ऐसे में अगर दिल बीमार हो जाए या ह्रदय रोग हो जाए तो शरीर गंभीर दिक्कतों का शिकार हो सकता है और जानलेवा स्थितियां तक पैदा हो सकती हैं। ह्रदय रोग जिसे दिल की बीमारी भी कहते हैं दिल और ब्लड वैसल्स यानी रक्त धमनियों से जुड़ी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसमें रक्त धमनियों में प्लॉक जमा हो जाता है और मरीज को दिल का दौरा या स्ट्रोक पड़ सकता है। डब्ल्यूएचओ के आंकडों के मुताबिक 2022 में 19.8 मिलियन लोगों की मौत दिल संबंधी जटिलताओं के चलते हुई। इन मौतों में 85 फीसदी मौतें दिल के दौरे और स्ट्रोक के चलते हुईं। ऐसे में ये जरूरी हो जाता है कि ह्रदय के स्वास्थ्य की समुचित देखभाल के साथ साथ दिल के दौरे के लक्षण भी पहचान लिए जाएं ताकि मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सके। इस लेख में जानते हैं कि ह्रदय रोग क्या है और ह्रदय रोग किसके कारण होता है। साथ ही जानेंगे दिल के दौरे के लक्षण (दिल की बीमारी के लक्षण) और इसके बचाव और उपचार के बारे में सब कुछ।

ह्रदय रोग क्या है ?

 

ह्रदय रोग को आमतौर पर दिल की बीमारी (heart disease) कहा जाता है। ये एक कार्डियोवस्कुलर डिजीज (cardiovascular diseases) है दिल, दिल की मांसपेशियों और वॉल्व तक जाने वाली रक्त धमनियां संकुचित या अवरुद्ध यानी ब्लॉक हो जाती हैं। रक्त धमनियों में फैट या प्लॉक जमने के कारण हार्ट तक खून की सप्लाई बाधित होती है और दिल का दौरा पड़ने का रिस्क पैदा हो जाता है।

ह्रदय रोग किसके कारण होता है?

 

ह्रदय रोग तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली रक्त धमनियों में ब्लॉकेज होने लगती है। इन धमनियों में कोलेस्ट्रोल, फैट या प्लॉक जमने के कारण दिल तक ऑक्सीजन युक्त खून की सप्लाई बाधित होती है और दिल का दौरा या स्ट्रोक पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। ह्रदय रोग के कई कारण हैं जो इस प्रकार हैं –

  1. असंतुलित डाइट – डाइट का असंतुलित होना दिल के लिए बड़ा खतरा है। ऐसी डाइट जिसमें फैट, चीनी और सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है, वो धमनियों में कोलेस्ट्रोल जमाती है। यही डाइट मोटापे, हाई कोलेस्ट्रोल और हाई ब्लड प्रेशऱ का कारण बनती है।
  2. फिजिकल एक्टिविटी की कमी – जो लोग फिजिकल एक्टिविटी कम करते हैं, वो दूसरे लोगों की तुलना में दिल की बीमारी के शिकार ज्यादा बनते हैं। एक्सरसाइज की कमी के चलते मोटापा, डायबिटीज और हाई बीपी के रिस्क बढ़ जाते हैं जो दिल के लिए खतरा बन जाते हैं।
  3. स्मोकिंग और तंबाकू – तंबाकू और सिगरेट आदि का ज्यादा सेवन भी दिल की बीमारी का कारण है क्योंकि इनसे निकलने वाले कैमिकल रक्त धमनियों को नुकसान पहुंचाते हैं।
  4. हाई ब्लड प्रेशर – उच्च रक्तचाप भी दिल के लिए बड़ा खतरा कहलाता है। जो लोग हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं, वो अन्य लोगों की तुलना में ह्रदय रोग के ज्यादा शिकार होते हैं।
  5. हाइपरलिपिडेमिया – ये वो स्थिति है जिसमें खून में कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ जाता है और रक्त धमनियों में प्लॉक जमा होने लगता है, इससे दिल तक होने वाली खून की सप्लाई पर बुरा असर होता है।
  6. डायबिटीज डायबिटीज यानी मधुमेह भी दिल की बीमारी का कारण कहा जाता है। दरअसल डायबिटीज में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने पर दिल औऱ रक्त धमनियों को नुकसान होता है।
  7. ज्यादा वजन – ऐसे लोग जिनका वजन ज्यादा है, वो हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रोल और डायबिटीज के शिकार बनते हैं जो दिल की बीमारी के रिस्क पैदा करती हैं।
  8. तनाव – स्ट्रेस यानी तनाव भी ह्रदय रोग का कारण कहा जाता है। अगर किसी को लंबे समय से तनाव है तो वो दिल की बीमारी का शिकार बन सकता है।
  9. आनुवांशिक कारण – अगर परिवार में किसी को ह्रदय रोग रहा है तो ऐसे में जोखिम बढ़ सकते हैं।
  10. कुछ दवाएं – कुछ दवाओं का लगातार सेवन भी ह्रदय रोग का कारण कहा जाता है।

दिल की बीमारी के लक्षण क्या हैं?

 

दिल की बीमारी के लक्षण शुरुआत में काफी हल्के होते हैं और इसलिए लोग अक्सर इन्हें नजरंदाज कर देते हैं। लेकिन ये लक्षण जब गंभीर रूप धारण करते हैं तो दिल का दौरा या स्ट्रोक पड़ सकता है। दिल की बीमारी के लक्षण इस प्रकार है –

  1. सांस फूलना
  2. जबड़े में दर्द होना
  3. गर्दन, हाथ और पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द होना
  4. पैरों के टखनों में सूजन महसूस होना
  5. सीने में दर्द महसूस होना
  6. छाती में जकड़न महसूस होना
  7. बैचेनी महसूस होना
  8. एकाएक ठंडा पसीना आना
  9. चक्कर आना
  10. थकान और कमजोरी महसूस होना
  11. पेट में दर्द महसूस होना
  12. अपच या मतली या एसिडिटी का अनुभव होना
  13. दिल की धड़कन एकदम अनियमित होना
  14. अस्थिरता महसूस होना
  15. लगातार खांसी आना

दिल के दौरे के लक्षण क्या हैं?

 

दिल की बीमारी के लक्षणों के गंभीर रूप धारण करने पर दिल के दौरे के खतरे हो सकते हैं। ऐसे में दिल का दौरा या स्ट्रोक होने की आशंका बढ़ जाती है। आमतौर पर दिल के दौरे के लक्षण एक समान दिखते हैं लेकिन कुछ लक्षण महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले अलग दिख सकते हैं। दिल के दौरे के लक्षण इस प्रकार है –

  1. घबराहट होना – मरीज को एकाएक घबराहट और बेचैनी महसूस होने लगती है।
  2. छाती में जकड़न और दबाव महसूस होना
  3. शरीर के ऊपरी बाएं हिस्से जैसे, कंधे, पीठ, जबड़े, गर्दन और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होना। आपको बता दें कि ये दर्द कुछ मिनटों तक लगातार रहता है और रह रह कर उठता है।
  4. सांस लेने में तकलीफ होना – मरीज की सांस फूलने लगती है और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।
  5. ठंडा पसीना – मरीज को बिना ज्यादा काम किए एकाएक ठंडा पसीना आने लगता है।
  6. पेट में जलन महसूस होना और उल्टी महसूस होना
  7. चक्कर और बेहोशी आना – मरीज को एकाएक चक्कर आता है और कई बार मरीज बेहोश हो जाता है।

दिल की बीमारी के सही उपचार (ह्रदय रोग के लक्षण और उपचार) और प्रबंधन के लिए जरूरी है कि दिल की बीमारी के लक्षणों की सही समय पर पहचान की जाए। दिल के दौरे के लक्षण दिखने पर तुरंत मेडिकल इमरजेंसी देनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति में दिल के दौरे के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत डॉक्टरी परामर्श लेना चाहिए। डॉक्टरी परामर्श के बाद दिल की बीमारी से संबंधित टेस्ट जैसे ईसीजी, इको, टीएमटी, ब्लड टेस्ट के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करना चाहिए। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।

FAQ

 

दिल के दौरे के लक्षण किस प्रकार दिखते हैं?

दिल के दौरे के लक्षण शुरुआत में सीने में दर्द, सांस फूलना, घबराहट, ठंडा पसीना आना आदि के रूप में दिखते हैं।

क्या दिल की बीमारी से बचाव संभव है?

हां, आनुवांशिक कारणों से अलग लाइफस्टाइल संबंधी आदतों और डाइट में बदलाव करके दिल की बीमारी से बचाव किया जा सकता है।

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