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PCOS/PCOD में डाइट और एक्सरसाइज का महत्व

Medically Approved by Dr. Seema

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महिलाओं का शरीर पुरुषों की अपेक्षा अलग तरीके से बना है जिसमें लगातार कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते रहते हैं। लेकिन कई बार ये हार्मोनल बदलाव गंभीर स्थितियों का कारण बन जाते हैं। ऐसे ही दो हार्मोनल डिस्ऑर्डर हैं जिनके चलते इस दौर में कई महिलाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। पीसीओडी यानी पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (PCOD) और पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) ऐसी ही दो दिक्कतें हैं जिनसे महिलाएं अक्सर परेशान रहती हैं।

 

पीसीओएस की बात करें तो ये एक ओवेरियन सिंड्रोम है जो हार्मोनल और मेटाबॉलिक सिस्टम से जुड़ा डिस्ऑर्डर माना जाता है। वहीं पीसीओडी की बात करें तो एक हार्मोनल डिस्ऑर्डर है जो पीरियड्स के साथ साथ प्रेग्नेंसी को भी प्रभावित करता है। पीसीओडी में अंडाशन में छोटी छोटी सिस्ट यानी गांठ बन जाती हैं। वहीं पीसीओएस में अंडाशय में पुरुष हार्मोन यानी एंड्रोजन का ज्यादा उत्पादन होने की वजह से अनियमित पीरियड्स, शरीर पर ज्यादा बाल और यहां तक कि बांझपन की दिक्कतें आ सकती हैं।

 

देखा जाए तो पीसीओएस और पीसीओडी दोनों ही डिस्ऑर्डर हार्मोन के असंतुलन से जुड़े हैं और ऐसे में इस असंतुलन को कम करने के लिए डाइट (pcod diet) बहुत ही महत्वपूर्ण रोल अदा करती है। पीसीओएस और पीसीओडी दोनों में संतुलित आहार और एक्सरसाइज काफी जरूरी मानी जाती है। एक्सरसाइज और संतुलित आहार (pcod diet) की मदद से महिलाएं हार्मोन असंतुलन के साथ साथ, पीसीओडी और पीसीओएस से जुड़े लक्षणों को काबू करने में कामयाब हो सकती हैं। इस लेख में जानते है कि पीसीओडी (पीसीओडी diet chart in hindi) में क्या खाना चाहिए और पीसीओएस में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।

 

पीसीओडी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं ?

देखा जाए तो पीसीओडी ऐसा हार्मोनल डिस्ऑर्डर है जिसका कोई स्थाई इलाज संभव नहीं है। ऐसे में एक संतुलित डाइट (pcod diet) के जरिए इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। पीसीओडी में नीचे दी गई चीजों को अपनी डाइट (pcod diet) में शामिल करना चाहिए:

 

  1. हेल्दी फैट: पीसीओडी में डाइट (पीसीओडी Diet Chart) में हेल्दी फैट का इनटेक बढ़ाने के लिए अपनी डाइट में जैतून का तेल, नट्स जैसे बादाम, बीज और एवोकाडो को शामिल करें। इन सभी में जरूरी फैटी एसिड होते हैं जो हार्मोन का असंतुलन कम करते हैं और शरीर की सूजन कम करते हैं। हालांकि इनकी मात्रा संतुलित ही रखनी चाहिए वरना कैलोरी इनटेक ज्यादा हो सकता है।
  2. लीन प्रोटीन: संतुलित डाइट (पीसीओडी Diet Chart) में लीन प्रोटीन का बहुत महत्व है। ऐसे में लीन प्रोटीन के स्रोत जैसे टोफू, बीन्स, दालें, कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स, मछली, स्किन लेस पॉल्ट्री को डाइट में शामिल करना चाहिए।
  3. सब्जियां: सब्जियां विटामिन और खनिज का बेहतर स्रोत कही जाती हैं। ये फाइबर से भरपूर होने के कारण पाचन भी अच्छा करती हैं और हार्मोन असंतुलन को मैनेज करती हैं। अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ साथ गाजर, केल, कद्दू, शकरकंद और ब्रोकली का सेवन करें।
  4. फल: फल एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर से भरपूर होते हैं और इनमें सभी जरूरी पोषण होते हैं। पीसीओडी (पीसीओडी Diet Chart) को नियंत्रित करने के लिए सेब, नाशपाती, संतरा, चैरी और जामुन जैसे फल अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा बैरीज जैसे ब्लू बैरीज, स्ट्रॉबैरीज और ब्लैकबैरीज भी डाइट में शामिल करें।
  5. डेयरी प्रोडक्ट्स: डेयरी प्रोडक्ट्स प्रोटीन और कैल्शियम के सोर्स माने जाते हैं। आप डाइट में फोर्टिफाइड बादाम का दूध, टोफू, दही और सोया दूध शामिल कर सकते हैं। इनकी वजह से शरीर में हार्मोनल बैलेंस बना रहता है।
  6. साबुत अनाज: कोशिश करें कि गेहूं के आटे की बजाय साबुत अनाज का प्रयोग करें। ओट्स, किनोआ, ब्राउन राइस और ज्वार का आटा फाइबर से भरपूर है और ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करते हैं।

 

पीसीओडी (pcod diet) में सफेद ब्रेड, मैदा, मीठी चीजें, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, ट्रांस फैट, ज्यादा कैफीन, अल्कोहल आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

 

पीसीओएस में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

 

चूंकि पीसीओएस भी हार्मोनल डिस्ऑर्डर है और इसे प्रबंधित करने के लिए भी संतुलित डाइट काफी मायने रखती है। चूंकि पीसीओएस में ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा बना रहता है इसलिए इस दौरान डाइट को संतुलित और हेल्दी रखना काफी जरूरी हो जाता है।

 

पीसीओएस में ऐसे संतुलित आहार की वकालत की जाती है जो ब्लड शुगर को भी कंट्रोल कर सके। पीसीओएस में नीचे लिखी चीजों को डाइट में शामिल करना चाहिए:

 

  1. साबुत अनाज: गेहूं की बजाय मल्टीग्रेन आटा यूज करें। किनोआ, ओट्स, जौ और ब्राउन राइस का सेवन करें।
  2. लीन प्रोटीन: लीन प्रोटीन के लिए डाइट में टोफू, सोया मिल्क, बीन्स, दालें, मटर और मछली का सेवन करें।
  3. हेल्दी फैट: पीसीओएस में अपनी डाइट में जैतून का तेल और एवोकाडो का सेवन करें क्योंकि ये दोनों ही हेल्दी फैट से भरपूर होते हैं।
  4. फल: फलों में ऐसे फलों का सेवन करना चाहिए जो फाइबर से भरपूर हों और जिनका जीआई (ग्लाइसेमिक इंडेक्स) कम हो। जैसे – सेब, संतरा, जामुन, आड़ू, अमरूद, नाशपाती, बैरीज आदि।
  5. सब्जियां: सब्जियों में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, केल, ब्रोकली, गोभी आदि का सेवन करें। लाल और हरी मिर्च भी शामिल कर सकते हैं।

 

पीसीओएस में मैदा, गाय या भैंस का दूध, रिफाइंड खाद्य पदार्थ, ज्यादा चीनी, ज्यादा कैफीन, तले हुए और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, एक्स्ट्रा फैट वाले पदार्थ और ज्यादा सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।

 

देखा जाए तो पीसीओडी (पीसीओडी Diet Chart) और पीसीओएस दोनों ही हॉर्मोन असंतुलन से जुड़े डिस्ऑर्डर हैं जो शारीरिक दिक्कतों के साथ साथ मानसिक तनाव में इजाफा करते हैं। ऐसे में संतुलित डाइट (pcod diet) और लाइफस्टाइल संबंधी हेल्दी आदतों के जरिए इन दोनों ही दिक्कतों को काबू किया जा सकता है।

 

ऐसे में हेल्दी डाइट चार्ट (पीसीओडी Diet Chart) काफी महत्वपूर्ण साबित होता है जो वजन नियंत्रण, ब्लड शुगर नियंत्रण, हार्मोन बैलेंस और मेटाबॉलिक डिस्ऑर्डर को भी बैलेंस करने का काम करता है। ऐसे में इनसे संबंधित टेस्ट के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में टेस्ट का शेड्यूल बुक करें। शेड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।

 

FAQ

 

1.पीसीओडी में क्या खाना चाहिए?

पीसीओडी में हेल्दी फैट, फाइबर से भरपूर अनाज, सोया दूध और टोफू, लीन प्रोटीन, हरी सब्जियां और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर फलों का सेवन (pcod diet) करना चाहिए।

2.पीसीओएस में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

पीसीओएस में हेल्दी फैट, लीन प्रोटीन, फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ, हरी सब्जियां और कम जीआई वाले फल खाने चाहिए। इस डिस्ऑर्डर में सफेद ब्रेड, तले भुने पदार्थ, मैदा, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और मीठी चीजों से परहेज करना चाहिए।

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