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ब्रेन स्ट्रोक क्या है? कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

Medically Approved by Dr. Shuchi

Table of Contents

Brain stroke in Hindi

ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) किसी भी व्यक्ति के लिए एक ऐसी मेडिकल इमरजेंसी है जिसमें अगर सही समय पर इलाज न मिले तो स्थिति गंभीर और यहां तक जानलेवा भी साबित हो सकती है। ब्रेन स्ट्रोक को हिंदी में मस्तिष्क आघात कहते हैं। ब्रेन स्ट्रोक (ब्रेन स्ट्रोक क्यों होता है) दरअसल दिमाग में खून की सप्लाई अचानक रुकने के कारण होता है। दिमाग तक खून की सप्लाई करने वाली धमनियों में अचानक रुकावट (इस्केमिक) या रक्त धमनी के फटने के चलते दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और कोशिकाएं धीरे धीरे मरने लगती हैं। ऐसे में तत्काल इलाज न मिले तो मरीज को ब्रेन हेमरेज हो सकता है और स्थिति जानलेवा तक हो सकती है। ऐसे में ब्रेन स्ट्रोक के कारण के साथ साथ इसके लक्षणों की सही समय पर पहचान करना जरूरी माना जाता है ताकि मरीज को सही समय पर सटीक इलाज मिल सके। इस लेख में जानते हैं कि ब्रेन स्ट्रोक क्या है और ब्रेन स्ट्रोक क्यों होता है। साथ ही जानेंगे ब्रेन स्ट्रोक के कारण और ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण के बारे में।

 

ब्रेन स्ट्रोक क्या है?

ब्रेन स्ट्रोक वो स्थिति है जब मस्तिष्क को अचानक रक्त और दूसरे पोषक तत्वों की सप्लाई रुक जाती है। इस वजह से दिमाग की कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते और वो धीरे धीरे मरने लगती है। ये गंभीर औऱ जानलेवा स्थिति कही जाती है जिसमें तत्काल उपचार की जरूरत होती है। ब्रेन स्ट्रोक चार प्रकार का होता है, इस्केमिक स्ट्रोक, थ्रोम्बोटिक स्ट्रोक, हेमोरेजिक स्ट्रोक और मिनी स्ट्रोक। किसी भी प्रकार के ब्रेन स्ट्रोक में दिमाग के प्रभावित हिस्से में कई तरह की दिक्कतें पैदा होने लगती हैं जो शारीरिक और मानसिक रूप से असर दिखाती हैं। ब्रेन स्ट्रोक के दौरान मुख्य रूप से बोलने, चलने, देखने या सोचने में कठिनाई आ जाती है।

 

ब्रेन स्ट्रोक क्यों होता है?

ब्रेन स्ट्रोक सामान्य तौर पर मस्तिष्क तक रक्त और पोषक तत्वों की सप्लाई रुकने के कारण होता है। ऐसा तब होता है जब रक्त धमनी फट जाए या धमनी में अचानक ब्लड का फ्लो रुक जाए। धमनी में खून का फ्लो रुकने के कारण कारण होते हैं जो ब्रेन स्ट्रोक की वजह बन जाते हैं। ब्रेन स्ट्रोक के कारण इस प्रकार हैं –

 

  1. हाई ब्लड प्रेशर
  2. धूम्रपान करना या ज्यादा निकोटीन का सेवन
  3. डायबिटीज
  4. हाई कोलेस्ट्रॉल
  5. फिजिकल एक्टिविटी की कमी
  6. असंतुलित खान-पान
  7. ज्यादा वजन
  8. तनाव
  9. दिल संबंधी रोग जैसे दिल की अनियमित धड़कन आदि।

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण किस तरह दिखते हैं?

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण मानसिक और शारीरिक दोनों ही तरीकों से दिखते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों को FAST के माध्यम से समझने की सलाह देते हैं।

 

  1. F से फेस- मुस्कुराने पर चेहरा एक तरफ लटकने लगना या फिर मुंह का टेढ़ा हो जाना।
  2. A से आर्म – हाथ पैरों में निशिलता पैदा होना, हाथ या पैर हिलाने में दिक्कत होने लगना
  3. S से स्पीच – बोलते समय दिक्कत होना, आवाज में लड़खड़ाहट पैदा होना और बात करने और समझने में दिक्कत पैदा होना।
  4. T से टाइम – ऐसे लक्षणों को देखकर समय पर रिएक्ट करना जरूरी है और बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचना समझदारी है।

अन्य लक्षण

ब्रेन स्ट्रोक के अन्य कारणों में सिर में दर्द और भारीपन महसूस होना, आंखों से धुंधला नजर आना, भ्रम की स्थिति पैदा होना, शरीर पर नियंत्रण खोना और चलने फिरने या किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी पर नियंत्रण खोना शामिल है।

 

ब्रेन स्ट्रोक की पहचान और सटीक स्थिति की पहचान करने के लिए सीटी स्कैन (CT Scan)या एमआरआई (MRI) जैसे टेस्ट किए जाते हैं। इसके अलावा सीटीए/एमआरए, डॉप्लर अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और कई तरह के ब्लड टेस्ट किए जाते हैं।

 

ब्रेन हेमरेज रिकवरी टाइम कितना होता है ?

आपको बता दें कि अगर ब्रेन स्ट्रोक के समय मरीज को सही या त्वतरित इलाज न मिले तो मरीज ब्रेन हेमरेज का शिकार हो सकता है। ब्रेन हेमरेज एक मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति है जिसमें मरीज के मस्तिष्क में रक्तस्राव होने लगता है। इसका सही समय पर इलाज बेहद जरूरी है। ब्रेन हेमरेज के दौरान मरीज के मस्तिष्क में कितनी ब्लीडिंग यानी रक्तस्राव हुआ है, इसे समझकर ही इसके रिकवरी समय को पहचाना जा सकता है। आमतौर पर ब्रेन हेमरेज रिकवरी टाइम तीन से छह माह या कई बार उससे ज्यादा समय का भी हो सकता है। देखा जाए तो सर्जरी और पूरे इलाज के बाद के पहले तीन महीने मरीज की रिकवरी के लिए काफी अहम माने जाते हैं। ब्रेन हेमरेज के गंभीर मामलों में टोटल रिकवरी में कई साल भी लग सकते हैं। रिकवरी की ये प्रक्रिया मरीज की स्थिति, ब्रेन हेमरेज की गंभीरता और इलाज की सटीकता पर निर्भर करती है।

 

ब्रेन स्ट्रोक से बचने के उपाय क्या हैं ?

देखा जाए तो ब्रेन स्ट्रोक गंभीर स्थिति है जिसके कारण लाइफस्टाइल से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। ब्रेन स्ट्रोक से बचने के लिए लाइफस्टाइल संबंधी सही आदतों का पालन करना काफी जरूरी कहा जाता है। हेल्दी लाइफस्टाइल के तहत खान पान पर नियंत्रण रखना, नियमित तौर पर एक्सरसाइज करना। स्ट्रेस मैनेजमेंट, धूम्रपान औऱ अल्कोहल से दूरी बनाना, तेल, मसाले, चीनी का सेवन कम करना, वजन पर नियंत्रण करना जरूरी इन बचाव आदतों में शामिल है। देखा जाए तो संतुलित लाइफस्टाइल को अपनाकर ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को दूर रखा जा सकता है।

 

दिल के मरीज, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को इस मामले में खासतौर पर परहेज का पालन करने की सलाह दी जाती है। ऐसे लोगों को ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा रहता है इसलिए इन्हें दवा के साथ साथ परहेज और नियमित जांच की जरूरत होती है।

 

ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, अगर सही समय पर लक्षण पहचान कर मैनेजमेंट न किया जाए तो मरीज की जान तक जा सकती है। अगर किसी व्यक्ति में ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। एमआरआई और सीटी स्कैन व अन्य संबंधित टेस्ट के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।

 

FAQ

  1. ब्रेन स्ट्रोक के क्या कारण हैं?
    ब्रेन स्ट्रोक दिमाग में रक्त धमनियों के फटने या अवरुद्ध होने से होता है। इससे बचाव के लिए लाइफस्टाइल संबंधी सही आदतों का पालन करना चाहिए। नियमित व्यायाम, धूम्रपान और अल्कोहल से दूरी, संतुलित और पोषक आहार, तनाव से दूरी बनाना जरूरी माना जाता है।
  2. ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण किस तरह दिखते हैं?
    ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों में मुंह का टेढ़ा होना, बात करने और समझने में दिक्कत होना, हाथ पैरों में शिथिलता और झुनझुनाहट, सिर में तेज दर्द और धुंधली नजर शामिल है।
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