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रक्त कैंसर (ब्लड कैंसर) क्या है: प्रकार, लक्षण और शुरुआती जांच

Medically Approved by Dr. Shuchi

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कैंसर ऐसी जानलेवा बीमारी है जिसमें शरीर के कुछ अंगों में कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से फैलने लगती है और ये शरीर के दूसरे ऊतकों तक फैल जाती है जिसके चलते शरीर में ट्यूमर बनने लगता है। कैंसर के कई प्रकार हैं जिसमें ब्लड कैंसर (Blood Cancer) यानी रक्त कैंसर बहुत गंभीर कहलाता है। ब्लड कैंसर को हेमेटोलॉजिकल कैंसर और ल्यूकेमिया (Leukemia) भी कहा जाता है। देखा जाए तो ब्लड कैंसर एक व्यापक कैंसर है मुख्य तौर पर खून के साथ साथ बोन मैरो यानी अस्थि मज्जा को भी प्रभावित करता है। दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों करीब 1.24 मिलियन मौतें ब्लड कैंसर के कारण होती हैं। ब्लड कैंसर के लक्षणों की समय रहते पहचान न किए जाने के कारण इसके इलाज में दिक्कत आती है जिससे मरीज की स्थिति जानलेवा हो जाती है। इस लेख में जानते हैं कि ब्लड कैंसर क्यों होता है और ये कितने प्रकार का होता है। इसके साथ जानेंगे ब्लड कैंसर के लक्षण और रक्त कैंसर के इलाज के बारे में जानकारी।

 

ब्लड कैंसर क्यों होता है?

 

ब्लड कैंसर ब्लड वैसल्स यानी रक्त कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव (ब्लड कैंसर क्यों होता है) या उत्परिवर्तन के कारण होता है। ये बदलाव आनुवांशिक कारणों से होते हैं और इसके चलते रक्त कोशिकाएं असमान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। बढ़ने वाली कोशिकाएं सामान्य रक्त कोशिकाओं को दबा कर उनकी कार्यक्षमता को कमजोर करती हैं जिससे शरीर के कामकाज में दिककत आने (ब्लड कैंसर में क्या परेशानी होती है) लगती है। ब्लड कैंसर के कई कारण हो सकते हैं जिनमें जेनेटिक कारणों के साथ साथ पर्यावरण से जुड़े कुछ कारक शामिल हैं।

 

ब्लड कैंसर के क्या कारण हैं?

 

ब्लड कैंसर रक्त कोशिकाओं के डीएनए के क्षतिग्रस्त होने या उनके अंदर असामान्य बदलावों के चलते होता है। हालांकि डीएनए में उत्परिवर्तन के कारण अभी तक पता नहीं चल पाए हैं लेकिन इसके कुछ संभावित कारकों में जेनेटिक कारणों के साथ कुछ अन्य कारण भी शामिल हैं। ब्लड कैंसर के कारण इस प्रकार हैं-

 

  1. आनुवांशिक कारण – आनुवांशिक कारण जैसे परिवार में ब्लड कैंसर का इतिहास, इसके अलावा जेनेटिक रोग कहे जाने वाले कुछ सिंड्रोम जैसे डाउन सिंड्रोम (down syndrome)
  2. पर्यावरण से जुड़े कारण – कुछ खास कैमिकल के संपर्क में आना, जैसे बैंजीन, रेडिएशन के नजदीक रहना या रेडिएशन के संपर्क में आना, लाइफस्टाइल संबंधी आदतें जैसे ज्यादा धूम्रपान और ज्यादा अल्कोहल का सेवन।
  3. कीमोथैरेपी का इतिहास रहा हो।
  4. ऑटो इम्यून रोग जैसे ल्यूपस या फिर रूमेटाइड गठिया।

 

ब्लड कैंसर कितने प्रकार का होता है ?

ब्लड कैंसर की प्रवत्ति को देखते हुए इसे मुख्य रूप से तीन प्रकारों में देखा जा सकता है।

 

  1. ल्यूकेमिया (Leukaemia)– इस कैंसर में शरीर की सफेद रक्त कोशिकाएं तेजी से फैलती हैं। ल्यूकेमिया चार प्रकार में देखा जाता है, क्रोनिक लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया, क्रोनिक मायलोइड ल्यूकेमिया, क्रोनिक, लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया और क्रोनिक मायलोइड ल्यूकेमिया
  2. लिम्फोमा (Lymphoma) – कैंसर का ये प्रकार लिम्फैटिक सिस्टम को बुरी तरह प्रभावित करता है
  3. मायलोमा (Myeloma)– ये कैंसर प्लाजमा कोशिकाओं में होता है जो बोन मैरो (Bone Marrow Test) में स्थित होती हैं।

 

रक्त कैंसर के लक्षण क्या हैं?

ब्लड कैंसर के लक्षण लंबे समय तक हल्के हल्के रूप से शरीर में पनपने लगते हैं। ब्लड कैंसर के लक्षण इस प्रकार है –

 

  1. वजन में एकाएक गिरावट आना।
  2. चोट लगने पर घाव भरने में देर लगना।
  3. चोट लगने पर ज्यादा ब्लीडिंग होना।
  4. शरीर में किसी अंग में गांठ दिखना, खासतौर पर गर्दन, अंडरआर्म या पेट के आस पास गांठ दिखना।
  5. सांस फूलना, ऐसा कोशिकाओं में परिवर्तन के कारण हो सकता है।
  6. जोड़ों में दर्द महसूस होना
  7. मरीज को पीलिया के लक्षण दिखाई देना।
  8. स्किन पर खुजली होना और घाव दिखाई देना।
  9. पसलियों और हड्डियों में दर्द महसूस होना।
  10. रात को सोते समय एकाएक पसीना आना।
  11. मरीज को बार बार बुखार आना, बुखार 38 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा होना, लंबे समय तक होने वाला बुखार ब्लड कैंसर का कारण हो सकता है।
  12. बार बार संक्रमण होना, लगातार संक्रमण की चपेट में आना ब्लड कैंसर का एक बड़ा लक्षण है।
  13. शरीर में किसी हिस्से में सूजन महसूस होना।
  14. थकान और कमजोरी महसूस होना।

 

ब्लड कैंसर की जांच कैसे होती है?

ब्लड कैंसर की जांच के लिए कई तरह के टेस्ट किए जाते हैं। ब्लड कैंसर की पहचान के लिए किए जाने वाले टेस्ट इस प्रकार है –

 

  1. फिजिकल टेस्ट – इसके तहत डॉक्टर मरीज के शरीर पर गांठों या असामान्य उभार की जांच करते हैं।
  2. ब्लड टेस्ट – कैंसर की जांच के लिए तीन तरह के ब्लड टेस्ट किए जाते हैं
  3. कंप्लीट ब्लड काउंट (complete blood count) -इसके तहत शरीर में रेड ब्लड सेल्स, व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स की संख्या को मापा जाता है।
  4. ब्लड केमेस्ट्री टेस्ट – इस टेस्ट के तहत खून में प्रोटीन के स्तर की जांच की जाती है जो ब्लड कैंसर का संकेत देती है।
  5. माइक्रोस्कोपिक टेस्ट – इस टेस्ट के तहत माइक्रोस्कोप के जरिए खून की कोशिकाओं में असामान्यता की जांच करते हैं।
  6. बोन मैरो बायोप्सी (Bone Marrow Biopsy) – इस टेस्ट के तहत मरीज के शरीर से बोन मैरो यानी अस्थिमज्जा का एक टुकड़ा बतौर सैंप लिया जाता है। इस सैंपल में कोशिकाओं के डीएनए मे बदलाव और असमान्यता की जांच की जाती है।

 

इमेजिंग टेस्ट (Imaging Test) इमेंजिंग टेस्ट में सीटी स्कैन (CT Scan), एमआरआई (MRI और पीईटी स्कैन (PET Scan) किया जाता है। सीटी स्कैन शरीर के अंदर की इमेज दिखाता है, वहीं एमआरआई के जरिए शरीर के अंदर के हिस्सों की चुंबकीय तरंगों के जरिए बड़ी तस्वीरें निकाली जाती हैं। पीईटी स्कैन की बात करें तो ये शरीर कैंसर फैलाने वाली कोशिकाओं की एक्टिविटी की जानकारी देता है।

 

ब्लड कैंसर का इलाज संभव है या नहीं?

 

ब्लड कैंसर का इलाज संभव है या नहीं, इसका उत्तर है बिलकुल हां। ब्लड कैंसर के कई मामलों में मरीज का पूरी तरह इलाज संभव है। ब्लड कैंसर का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज कैंसर की किस स्टेज पर है और उसकी सेहत किस तरह की है। अगर समय रहते इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान कर ली जाए तो रक्त कैंसर का इलाज पूरी तरह संभव हो सकता है। ब्लड कैंसर के इलाज के लिए कई तरह की तकनीक हैं जैसे कीमोथैरेपी, रेडिएशन थैरेपी, टारगेट थैरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और इम्यूनो थैरेपी।

 

रक्त कैंसर के लक्षणों की सही समय पर पहचान, इसकी सटीक जांच और मरीज के संपूर्ण स्वास्थ्य के आकलन के आधार पर इसका इलाज और प्रबंधन प्रभावी हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति में रक्त कैंसर के लक्षण (ब्लड कैंसर में क्या परेशानी होती है) दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टरी परामर्श करें। डॉक्टरी परामर्श के बाद ब्लड कैंसर से संबंधित टेस्ट के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।

FAQ

 

1.रक्त कैंसर के लक्षण किस तरह दिखते हैं?

रक्त कैंसर के लक्षणों में अचानक वजन कम होना, थकान और कमजोरी, सांस फूलना, घाव भरने में देर, (ब्लड कैंसर में क्या परेशानी होती है) बार बार संक्रमण और बुखार शामिल हैं।

2.ब्लड कैंसर का इलाज संभव है या नहीं?

ब्लड कैंसर का इलाज संभव है। इसका इलाज समय रहते लक्षणों की पहचान, मरीज के स्वास्थ्य, कैंसर की स्टेज पर निर्भर करता है।

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