डिप्रेशन के शुरुआती लक्षण और कारण
- 22 Sep, 2025
- Written by Team Dr Lal PathLabs
Medically Approved by Dr. Shuchi
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डिप्रेशन (depression in hindi) जिसे आम भाषा में अवसाद भी कहा जाता है, एक ऐसी मानसिक स्थिति है जिसमें मरीज तनाव और उदासी का शिकार होता है। वैज्ञानिक इसे मूड डिस्ऑर्डर कहते हैं जो मेंटल हेल्थ पर बुरा असर डालता है। डिप्रेशन (depression in hindi) के दौरान लगातार उदासी और तनाव के चलते व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में इस तरह बदलाव होते हैं जो व्यक्ति के लिए खतरनाक कहे जाते हैं। डिप्रेशन के दौरान (depression symptoms in hindi) व्यक्ति उदास, अकेला और निराश महसूस करता है। ऐसा व्यक्ति लोगों से घुलने मिलने में कतराने लगता है। देखा जाए तो नए दौर में डिप्रेशन (depression in hindi) एक आम मानसिक समस्या के रूप में सामने आया है और लाखों लोग इसके शिकार हो रहे हैं। आपको बता दें कि डिप्रेशन किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन नए दौर में पुरुषों के मुकाबले ये बीमारी महिलाओं को ज्यादा शिकार बना रही है। डिप्रेशन (depression in hindi) इन दिनों ऐसा साइलेंट किलर बन गया है जिसका 30 से 50 साल की उम्र के लोग आसानी से शिकार बन रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े बताते हैं कि अकेले भारत में ही 5 करोड़ से ज्यादा लोग डिप्रेशन से पीड़ित हैं। अगर डिप्रेशन को समय रहते मैनेज न किया जाए तो ये कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इस लेख में जानते हैं कि डिप्रेशन क्यों होता है। साथ ही जानेंगे डिप्रेशन के लक्षण (depression symptoms in hindi) और इसके कारणों के बारे में सब कुछ।
डिप्रेशन क्यों होता है?
डिप्रेशन यानी अवसाद तब होता है जब व्यक्ति मानसिक तौर पर खुद को उदास, निराश और अकेला और टूटा हुआ महसूस करता है। किसी काम में असफल होने पर, रिलेशनशिप टूटने पर, नौकरी छूटने पर, धन की हानि, किसी अपने के बिछ़ड़ जाने पर दुखी होना आम बात है लेकिन जब ये दुख और निराशा की भावना लंबे समय तक बनी रहे तो व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार माना जाता है। देखा जाए तो डिप्रेशन व्यक्ति के दिमाग इतना दबाव बना देता है कि इसकी वजह से उसकी सामान्य जिंदगी और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ता है, जैसे दफ्तर या स्कूल जाना, सोना, उठना, हॉबीज, रिश्ते नाते आदि।
आमतौर पर अधिकतर लोग समझ नहीं पाते कि डिप्रेशन क्यों होता है। देखा जाए तो इसकी एक नहीं कई सारी वजहें होती हैं जिसके चलते व्यक्ति अवसाद में चला जाता है। डिप्रेशन के कारण इस प्रकार हैं।
- जीवन की दुखदायी घटनाएं – कोई हादसा, आघात, किसी अपने की मृत्यु, किसी अपने से बिछड़ाव, तलाक सपोर्ट मिलने में कमी आदि ऐसी घटनाएं हैं जो डिप्रेशन को जन्म देती हैं। व्यक्ति अपने दिमाग में इन घटनाओं की वजह से दबाव और असुरक्षा के साथ साथ अकेलापन महसूस करता है और डिप्रेशन में चला जाता है।
- जेनेटिक कारण – अगर परिवार में किसी को पहले से डिप्रेशन है तो संभव है कि दूसरे लोगों को डिप्रेशन हो सकता है। खासकर अगर माता पिता या भाई और बहन को डिप्रेशन है तो ये जेनेटिक बन सकता है।
- डोपामाइन और सेरोटोनिन का असंतुलन – व्यक्ति को खुश रखने वाले इन हार्मोन की शरीर में कमी भी डिप्रेशन का कारण कही जा सकती है।
- मेडिकल सिचुएशन – कई लंबी और पुरानी बीमारियां, जैसे डायबिटीज या अर्थराइटिस भी डिप्रेशन का कारण बन सकती हैं क्योंकि मरीज इनके आगे लाचार महसूस करने लगता है। इसके अलावा अल्जाइमर(Alzheimer’s), पर्किंसंस जैसी न्यूरोडिजेनेरेटिव बीमारियां भी इसकी वजह मानी जाती हैं।
- धूम्रपान और शराब का सेवन – कहा जाता है कि लगातार धूम्रपान और शराब का सेवन हैप्पी हार्मोन के असंतुलन का कारण बनते हैं जिससे अवसाद बढ़ने लगता है।
डिप्रेशन के लक्षण क्या हैं?
डिप्रेशन के लक्षण (depression symptoms in hindi) बहुत देर से समझ में आते हैं औऱ लोग अक्सर डिप्रेशन के लक्षण को सामान्य उदासी और अकेलापन मानकर नजरंदाज कर बैठते हैं। लेकिन धीरे धीरे ये लक्षण इतने ज्यादा हो जाते हैं कि मरीज की डेली लाइफ को प्रभावित करने लगते हैं। अगर डिप्रेशन बहुत गंभीर हो जाए तो मरीज ऐसी स्थितियों में पहुंच जाता है जहां उसके अंदर आत्महत्या जैसे विचार आने लगते हैं। ऐसे में डिप्रेशन के लक्षण (depression symptoms in hindi) को समय रहते पहचानना काफी जरूरी हो जाता है। डिप्रेशन के लक्षण (depression symptoms in hindi) इस प्रकार हैं –
- बिना किसी वजह उदासी महसूस करना
- दिमाग में खालीपन, गुस्सा और निराशा महसूस करना
- छोटी छोटी बातों पर हताशा दिखाना
- गुस्सा आना
- चिड़चिड़ापन
- नींद की कमी, नींद कम आना या बहुत ज्यादा सोना
- खुद को बेकार महसूस करना
- अपने आस पास के लोगों को नजरंदाज करना या उनसे बचना
- लोगों से घुलने मिलने में कतराना
- हॉबीज छोड़ देना, ऐसे काम न करना जिन्हें करने में पहले आनन्द आता था
- थकान महसूस करना
- फोकस करने में कठिनाई होना
- निर्णय लेने में दिक्कत होना
- बार बार आत्महत्या का विचार आना
देखा जाए तो पुरुषों में डिप्रेशन के लक्षण महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण से अलग होते हैं। चूंकि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले डिप्रेशन का ज्यादा शिकार होती हैं इसलिए उनके अंदर डिप्रेशन के लक्षण(depression symptoms in hindi) अलग होते हैं। खासकर प्रेग्नेंसी, डिलीवरी और उसके बाद छोटे बच्चे की देखभाल करते समय महिलाएं पोस्टपार्टम डिप्रेशन से जूझती हैं। इसके अलावा मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलावों के चलते भी महिलाओं को डिप्रेशन हो सकता है।
महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण इस प्रकार हैं –
- पीरियड्स में उतार चढ़ाव
- नींद न आना
- मूड स्विंग यानी मूड में उतार चढ़ाव
- एकाएक गर्मी महसूस होना
- ठंडे पसीने आना
- अकेला महसूस करना
- याद्दाश्त की कमी
- फोकस करने में कठिनाई
- खुद को बेकार और लाचार समझना
- सामाजिक तौर पर आइसोलेट होना
दरअसल डिप्रेशन (depression in hindi) ऐसी समस्या है जो मानसिक दबाव से बनती है और शरीर के साथ साथ रोजमर्रा के कामकाज पर भी बुरा असर डालती है। डिप्रेशन के लक्षणों को समझ कर सही समय पर इसका मैनेजमेंट काफी जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति में डिप्रेशन के लक्षण दिख रहे हैं तो मनोचिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। डिप्रेशन भले ही एक आम और बड़ी बीमारी है लेकिन इसका इलाज और मैनेजमेंट संभव है। सटीक जांच के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।
FAQ
1. डिप्रेशन क्यों होता है?
डिप्रेशन (depression in hindi) किसी पुराने आघात, हादसे, प्रियजन से अलगाव, तलाक, धन या नौकरी की चिंता, पुरानी बीमारी, गहरी चिंता या किसी अपने की मौत के चलते होने वाले मानसिक दबाव के चलते होता है।
2.क्या महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण पुरुषों में डिप्रेशन के लक्षण (depression symptoms in hindi) से अलग होते हैं?
जी हां, पुरुषो के मुकाबले महिलाएं डिप्रेशन का ज्यादा शिकार होती हैं। महिलाओं में डिप्रेशन के लक्षण पीरियड्स में असंतुलन, थकावट, कमजोरी, नींद की कमी, अकेलापन, गुस्सा, मूड स्विंग के रूप में देखे जाते हैं।








