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अल्सर क्या होता है? कारण, लक्षण और इलाज

Medically Approved by Dr. Seema

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अल्सर क्या होता है

 

अल्सर (ulsar kya hota hai) ऐसा दर्दभरा घाव है जो शरीर में त्वचा के अंदर या त्वचा की झिल्ली के ऊपर निकलता है। आमतौर पर अल्सर (ulcer in hindi) शरीर के किसी भी अंग में निकल सकता है लेकिन पेट के अल्सर कई बार गंभीर हो जाता है। पेट के अल्सर को पैप्टिक अल्सर कहते हैं। अल्सर शरीर में किसी तरह के संक्रमण या सूजन की वजह से होता है। पेप्टिक अल्सर पेट में खासतौर पर छोटी आंत में होता है। इसे आम भाषा में पेट का अल्सर कहा जाता है। इस लेख में जानते हैं कि पेट का अल्सर क्या होता है और अल्सर के लक्षण (ulsar ke lakshan)किस तरह दिखते हैं। साथ ही जानेंगे अल्सर के कारण और इसके उपचार के बारे में सब कुछ।

 

अल्सर क्या होता है?

शरीर में किसी संक्रमण या सूजन के चलते त्वचा या अंदरूनी भाग में होने वाले दर्दभरे घाव को अल्सर (ulsar kya hota hai) कहते हैं। अल्सर कई प्रकार के होते हैं। माउथ अल्सर, पेप्टिक अल्सर, एसोफेजियल अल्सर, धमनी अल्सर, पैर का अल्सर, जेनिटाइल अल्सर आदि। पेप्टिक अल्सर की बात करें तो ये पेट में खासतौर पर छोटी आंत की परत के अंदर होता है। इसे गैस्ट्रिक अल्सर भी कहा जाता है। ये अल्सर पेट की परत में होने वाला ऐसा घाव है जो काफी दर्द देता है।

 

अल्सर क्यों होता है?

अल्सर मुख्य रूप से संक्रमण के हमले के कारण होता है। हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरियाइस संक्रमण का सबसे बड़ा कारण है। जब पेट या छोटी आंत की भीतरी परत का सुरक्षा घेरा संक्रमण के चलते कमजोर होता है तो पेट के अंदर बनने वाले एसिड से ही उस परत में घाव हो होने लगते हैं। पेट में अल्सर के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं –

 

 

  1. हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया संक्रमण
  2. सूजनरोधी दवाओं के लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण
  3. शराब ज्यादा पीने के कारण
  4. लंबे समय तक स्मोकिंग करने के कारण
  5. स्ट्रेस के कारण- मानसिक तनाव, अकेलापन जैसी स्थितियां भी अल्सर का कारण बन सकती हैं।
  6. सर्जरी – कीमोथैरेपी या रेडिएशन थैरेपी या अन्य कठिन सर्जरी के दौरान भी मरीज के पेट में अल्सर हो सकता है।
  7. गैस्ट्रिक एसिड ज्यादा बनना – जोलिंजर एलिसन सिंड्रोम जैसी दुर्लभ बीमारी जिसमें मरीज के पेट में बहुत ज्यादा गैस्ट्रिक एसिड बनता है, पेप्टिक अल्सर का कारण बन सकती है।

 

पेट में अल्सर के लक्षण क्या हैं?

पेट में अल्सर के लक्षण (ulsar ke lakshan)सामान्य पेट की जलन जैसे दिखते हैं। अल्सर के लक्षण इस प्रकार दिखते हैं –

 

 

  1. भोजन करने के बाद पेट के ऊपरी हिस्से में जलन महसूस होना
  2. पेट में दर्द होना- खासकर भोजन करने के बाद, कभी कभी ये दर्द एकाएक होता है और रात में इसकी वजह से नींद तक खुल जाती है।
  3. कम भोजन के बाद भी पेट भरा हुआ महसूस होना
  4. पेट में दबाव महसूस होना
  5. अपच – अपच महसूस होना
  6. मतली और उल्टी महसूस होना
  7. अफारा – पेट फूला हुआ महसूस होना
  8. खट्टी डकारें आना
  9. भूख कम लगना या भूख खत्म हो जाना
  10. वजन में कमी आना
  11. मल का रंग काला हो जाना
  12. कमजोरी महसूस होना
  13. हर वक्त थकान महसूस होना
  14. उल्टी में खून आना – ये गंभीर लक्षण है, जिसके तुरंत बाद डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

 

पेट के अल्सर के नुकसान क्या हैं?

पेट का अल्सर (ulsar kya hota hai)यूं तो सामान्य बीमारी है लेकिन अगर समय पर इलाज न मिले तो इसके गंभीर नुकसान हो सकते हैं। पेट में अल्सर अगर लंबे समय तक रहे तो पेट या छोटी आंत की दीवार में छेद हो सकता है और पाचन क्रिया में रुकावट आ सकती है। इसके चलते अंदरूनी ब्लीडिंग हो सकती है। पेट में अल्सर गंभीर होने पर एनीमिया, पेरिटोनाइटिस होने के खतरे बढ़ जाते हैं। कई मामलों में मरीज के शरीर में खून की इतनी कमी हो जाती है कि खून चढ़ाना पड़ता है। अगर सही समय पर सटीक इलाज न मिले तो स्थिति जानलेवा हो सकती है।

 

अल्सर की जांच किस तरह होती है?

अल्सर (ulsar kya hota hai) की जांच के लिए मुख्य रूप से एंडोस्कोपी की जाती है। इसके जरिए पेट की अंदरूनी परत की जांच के साथ साथ वहां घावों का भी आकलन करने में मदद मिलती है। एंडोस्कोपी के दौरान ही जरूरत पड़ने पर डॉक्टर पेट की छोटी आंत का एक सैंपल (बायोप्सी) ले सकते हैं। इसके अलावा हेलिकोबैक्टर पाइलोरी टेस्ट के जरिए पेट में एच पाइलोरी बैक्टीरिया की जांच की जाती है। इस टेस्ट में ब्रेथ टेस्ट, ब्लड टेस्ट, स्टूल टेस्ट किया जाता है। इसके अलावा एक्सरे और सीटी स्केन या एमआरआई के जरिए भी अल्सर की जांच की जाती है।

 

पेट के अल्सर का उपचार किस तरह होता है?

पेट के अल्सर के सामान्य मामलों में एंटीबायोटिक्स के जरिए इलाज होता है। लेकिन अगर अल्सर गंभीर हो जाए तो सर्जरी की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा लाइफस्टाइल में बदलाव जैसे संतुलित पोषक डाइट लेने, शराब छोड़ने, स्मोकिंग छोड़ने, स्ट्रेस मैनेजमेंट के जरिए अल्सर से बचाव किया जा सकता है।

 

 

अल्सर पेट की छोटी आंत की परत को नुकसान पहुंचाता है। अल्सर के लक्षणों को सही समय पर पहचान कर इसका मैनेजमेंट किया जाए तो इलाज प्रभावी साबित होता है। अगर किसी मरीज में अल्सर के लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टरी परामर्श लें। डॉक्टरी परामर्श के बाद अल्सर संबंधी जांच के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐ डाउनलोड करें।

 

FAQ

अल्सर क्या होता है?

अल्सर (ulcer in hindi)शरीर के किसी भी अंग में होने वाला घाव है। पेट का अल्सर छोटी आंत में संक्रमण के चलते होता है।

 

 

अल्सर के लक्षण क्या हैं?

अल्सर के लक्षण (ulsar ke lakshan)पेट में दर्द, जलन, ऐंठन, अपच, कमजोरी, चक्कर आना, भूख न लगना आदि हैं।

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