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हीट स्ट्रोक के लक्षण और बचाव के उपाय

Medically Approved by Dr. Seema

Table of Contents

हीट स्ट्रोक

 

गर्मी का मौसम आते ही हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) के मामलों में तेजी आ जाती है. हीट स्ट्रोक को आम भाषा में लू लगना भी कहा जाता है. दुनिया भर में मौसम में आए बदलाव और तेजी से बढ़ते तापमान के बीच हीट स्ट्रोक के केस हर देश में देखे जा रहे हैं. एक स्टडी के मुताबिक पिछले साल यानी 2024 में गर्मियों के मौसम के दौरान भारत में हीट स्ट्रोक के 40 हजार से ज्यादा संदिग्ध केस पाए गए जिसमें 100 से ज्यादा मरीजों की मौत हो गई. ये आंकड़ा दिखाता है कि किस तरह अत्यधिक गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक और इससे जुड़ी अन्य परेशनियां सेहत संबंधी खतरे पैदा कर रही हैं. चलिए इस लेख में हम जानते हैं कि हीट स्ट्रोक क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और साथ ही साथ इससे बचाव के तरीकों के बारे में भी बात करेंगे.

 

हीट स्ट्रोक क्या है? (What is Heat Stroke?)

 

हीट स्ट्रोक ऐसी शारीरिक स्थिति है जिसमें शरीर अत्यधिक तापमान (high temperatures ) और गर्मी का शिकार होता है. इसे हाइपरथर्मिया (hyperthermia) भी कहा जाता है. ये शरीर को गर्मी लगने का चरम स्तर है जिसका शरीर पर कई तरह से असर पड़ता है. हीट स्ट्रोक तब होता है जब किसी व्यक्ति का शरीर बहुत ज्यादा तापमान के संपर्क में आता है. ज्यादा तापमान में आते ही शरीर का तापमान भी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और इसके चलते शरीर के कई अंगों पर बुरा असर पड़ता है. इसके चलते शरीर के कई अंगों में ब्लड सर्कुलेशन पर बुरा असर पड़ता है जिससे खून का बहाव कम होता है और ज्यादा गंभीर स्थिति में शरीर के अंगों को भयंकर नुकसान और मरीज की मौत तक हो सकती है.

 

हीट स्ट्रोक कितनी तरह का होता है? (What are the Types of Heat Stroke?)

 

  1. एक्सर्टेशनल (Exertional Heat Stroke) – ये हीट स्ट्रोक काफी लंबे समय तक ज्यादा गर्म तापमान में बहुत ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने के कारण होता है. ज्यादा तापमान में की गई एक्सरसाइज शरीर में बहुत ज्यादा गर्मी पैदा कर देती है जिससे व्यक्ति हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाता है.
  2. नॉन-एक्सर्टेशनल (Non-Exertional Heat Stroke) – नॉन-एक्सर्टेशनल हीट स्ट्रोक तब होता है जब किसी व्यक्ति का शरीर बहुत ज्यादा बेहद गर्म वातावरण के संपर्क में आता है. जब शरीर हाई टेंपरेचर वाले वातारण में आता है तो उसका शरीर तापमान को कंट्रोल करने की क्षमता खो बैठता है और शरीर का तापमान भी ज्यादा गर्म हो जाता है.

 

हीट स्ट्रोक के लक्षण कैसे दिखते हैं? (What are the Symptoms of Heat Stroke?)

 

हीट स्ट्रोक के सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं –

 

  1. शरीर का तापमान ज्यादा हो जाना (High body temperature) सामान्य तौर पर ऐसी स्थिति में व्यक्ति के शरीर का हाई टेंपरेचर 104°F (40°C) या उससे ज्यादा हो जाता है.
  2. चक्कर आना
  3. गला सूखना, थूक निगलने में कठिनाई होना
  4. त्वचा का लाल और गर्म हो जाना
  5. बेहोशी की स्थिति
  6. सिर में हल्का हल्का दर्द होना
  7. नॉन-एक्सर्टेशनल हीट स्ट्रोक में पसीना नहीं आना और एक्सर्टेशनल हीट स्ट्रोक में जरूरत से ज्यादा पसीना आना.
  8. नजर धुंधली हो जाना
  9. भ्रम या कंफ्यूजन की स्थिति पैदा होना
  10. बात करने में दिक्कत महसूस करना
  11. मतली और उल्टी महसूस होना
  12. दिल की धड़कन तेज हो जाना
  13. सांसों का तेज चलना
  14. सांसों में उथलापन
  15. शरीर में ऐंठन महसूस होना
  16. दौरा पड़ना
  17. कोमा की स्थिति

 

हीट स्ट्रोक को किस तरह मैनेज कर सकते हैं? (How to Manage Heat Stroke?)

 

हीट स्ट्रोक गंभीर हो जाए तो मरीज के लिए जानलेवा स्थिति हो सकती है. ऐसे में जरूरी है कि इसके लक्षण दिखने पर मरीज को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए. जब तक डॉक्टरी मदद नहीं मिलती, तब तक खुद कुछ प्रभावी फर्स्ट एड कर सकते हैं –

 

  1. मरीज को किसी ठंडी जगह पर ले जाएं और लिटा दें.
  2. मरीज के शरीर पर अतिरिक्त और मोटे कपड़े उतार दें.
  3. बर्फ के पानी में भिगोए गए तौलिए की मदद से उसकी त्वचा को ठंडा करने का प्रयास करें.
  4. मरीज की बगल, गर्दन और माथे पर बर्फ की ठंडी पट्टियां रखें.
  5. मरीज को इस दौरान ठंडा पानी या किसी भी तरह का तरल पदार्थ नहीं देना चाहिए.
  6. मरीज का धूप से बचाव करें.
  7. मरीज को हवादार औऱ ठंडक भरी जगह पर रखें.
  8. इस दौरान मरीज को बुखार कम करने की दवा भी नहीं देनी चाहिए.

 

 

हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए क्या करना चाहिए? (What are Some Preventive Measures for Heat Stroke?)

 

हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है:

 

  1. हल्के रंग के सूती और लिनन के कपड़े पहनने चाहिए
  2. कपड़े हल्के और ढीले ढाले होने चाहिए.
  3. शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करनी चाहिए.
  4. जितना संभव हो सके, ज्यादा गर्म तापमान वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए.
  5. सीधा धूप के संपर्क में नहीं आना चाहिए.
  6. घर से बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाएं
  7. धूप में जाने से पहले ढेर सारा पानी और तरल पदार्थ पीकर ही घर से बाहर निकलें.
  8. धूप में जाने से पहले आंखों पर चश्मा, सिर पर स्कार्फ या टोपी जरूर पहने.
  9. पूरी बांह वाले वस्त्र पहन कर ही बाहर निकलें.
  10. अगर जरूरत नहीं है तो ज्यादा गर्मी वाले दिन मे घर से बाहर न निकलें.
  11. ज्यादा गर्म मौसम में भारी और इंटेंस एक्सरसाइज और शारीरिक मेहनत करने से बचें.
  12. दिन खासकर दोपहर के समय तरल पदार्थ पीते रहें और हाइड्रेट रहें.

 

देखा जाए तो हीट स्ट्रोक हीट इंजुरी का एक गंभीर रूप है. कई बार लापरवाही के चलते मरीज के अंगों को बुरा नुकसान पहुंचता है और स्थिति गंभीर होने पर मौत का खतरा तक बढ़ सकता है. समय रहते हीट स्ट्रोक के लक्षणों को पहचान कर इसका सटीक मैनेजमेंट या इलाज करना काफी महत्वपूर्ण है. इसके जरिए जीवन को खतरे में डालने वाली स्थिति से बचा जा सकता है. अगर किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए. इसके साथ साथ संबंधित टेस्ट के लिए डॉ. लाल पैथलेब्स में टेस्ट बुक करवाना चाहिए.

 

FAQ

 

हीट स्ट्रोक से बचाव कैसे किया जा सकता है? (How do you prevent heat stroke?)

 

हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए धूप और अत्यधिक गर्मी मे जाने से बचना चाहिए. हल्के, सूती और ढीले वस्त्र पहनने चाहिए. लगातार खुद को हाइड्रेट रखना चाहिए. घर से बाहर निकलते वक्त सिर पर कपड़ा, आंखों पर चश्मा लगाकर निकलना चाहिए. सनस्क्रीन लगाकर ही बाहर निकलना चाहिए.

 

हीट स्ट्रोक होने पर प्राथमिक उपचार के रूप में क्या करना चाहिए? (What is the first aid for heat stress?)

 

हीट स्ट्रोक होने पर सबसे पहले मरीज को ठंडी जगह पर ले जाकर लिटा देना चाहिए. उसके शरीर के अतिरिक्त कपड़े उतार कर बर्फीले पानी में भीगे कपड़े से त्वचा को ठंडा करना चाहिए.

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