हेपेटाइटिस ए : कारण, लक्षण और उपचार
Medically Approved by Dr. Shuchi
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हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Hindi) एक ऐसा वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से लिवर (Liver) को प्रभावित करता है। हेपेटाइटिस ए का संक्रमण हेपेटाइटिस ए वायरस (HAV) के चलते होता है जो संक्रमण से दूषित पानी, भोजन और अन्य कारणों के जरिए फैलता है। इस संक्रमण के चलते लिवर में सूजन पैदा हो जाती है और लिवर के कामकाज में बाधा आती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2016 में दुनिया भर में इस वायरस की वजह से कुल 7 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। हेपेटाइटिस ए हल्के मामलों में कुछ दिनों में खुद ही ठीक हो जाता है, हालांकि इसके गंभीर मामलों में लिवर फेल होने की आशंका बढ़ जाती है। इस लेख में जानते हैं कि हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Hindi) क्या है, इसके कारण (हेपेटाइटिस ए रोग के कारण) और लक्षण (हेपेटाइटिस के लक्षण) क्या हैं। साथ ही जानेंगे इसके उपचार और बचाव के बारे में सब कुछ।
हेपेटाइटिस ए क्या है?
हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Hindi) लिवर का संक्रमण है जो हेपेटाइटिस ए वायरस (HAV) के चलते होता है। जब कोई स्वस्थ व्यक्ति हेपेटाइटिस ए से संक्रमित व्यक्ति या संक्रमित भोजन और पानी के संपर्क में आता है तो हेपेटाइटिस वायरस उसे संक्रमित कर देता है। संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क, मल, निजी वस्तुओं, दूषित पानी और भोजन के जरिए ये संक्रमण फैलता है। आमतौर पर हेपेटाइटिस ए का वायरस किसी शरीर में दो महीने तक रहता है और खुद ही ठीक हो जाता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग, बुजुर्ग व्यक्ति और कमजोर लिवर वाले लोगों में ये गंभीर जटिलताओं जैसे लिवर फेलियर और ऑर्गन फेलियर का कारण बन सकता है।
हेपेटाइटिस ए के लक्षण क्या हैं?
किसी स्वस्थ व्यक्ति को हेपेटाइटिस ए के वायरस से संक्रमित होने के बाद इसके लक्षण दो से छह सप्ताह के बीच में दिखने शुरू होते हैं। हेपेटाइटिस ए के सामान्य लक्षण (हेपेटाइटिस के लक्षण)इस प्रकार हैं –
- दस्त
- थकान
- बुखार
- स्किन में खुजली
- स्किन पर पीलापन
- यूरिन गहरे रंग का होना
- सिर में दर्द होना
- आंखों का पीलापन
- भूख मर जाना
- उल्टी
- मतली
- पेट में दर्द
- जोड़ों में दर्द
हेपेटाइटिस के विभिन्न प्रकारों के बारे में भी अधिक जानें
हेपेटाइटिस ए के क्या कारण हैं?
हेपेटाइटिस ए का वायरस मुख्य रूप से दूषित भोजन, पानी और संक्रमित व्यक्ति के मल से फैलता है। ये वायरस (हेपेटाइटिस ए रोग के कारण)इन तरीकों से फैलता है –
- दूषित भोजन – दूषित भोजन के जरिए संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।
- दूषित पानी – दूषित पानी इस संक्रमण को फैलाने में बड़ा कारण है, जहां सीवेज व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती, वहां ये वायरस तेजी से फैलता है।
- दूषित माहौल में बने भोजन बनाने से – गंदे पानी और गंदे माहौल में पकने वाले भोजन के जरिए वायरस फैलता है। अधपके, खासकर अधपके समुद्री भोजन के जरिए ये वायरस तेजी से फैलता है।
- संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क के जरिए – संक्रमित व्यक्ति के संपर्क के जरिए, उसकी निजी और इस्तेमाल की गई वस्तुओं के जरिए ये वायरस फैलता है।
- संक्रमित व्यक्ति से यौन संबंध के जरिए –संक्रमित व्यक्ति के साथ चुंबन या यौन संबंध बनाने से वायरस फैलता है।
- गंदगी भरे क्षेत्रों की यात्रा करने से – खराब सीवेज व्यवस्था और गंदगी भरे क्षेत्रों की यात्रा से भी ये वायरस फैल सकता है।
हेपेटाइटिस वायरस से बचाव कैसे किया जा सकता है?
हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Hindi)का वायरस गंदगी भरे माहौल से फैलता है। हालांकि साफ सफाई की आदतों के जरिए इससे बचाव किया जा सकता है। हेपेटाइटिस ए से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं –
- वैक्सीन लगवाएं – हेपेटाइटिस से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है वैक्सिनेशन। हेपेटाइटिस ए से बचाव के लिए इसका टीका मौजूद है जो दो शॉट्स में लगाया जाता है।
- स्वस्छता बरतें – अपने आस पास स्वच्छता बरतें। शुद्ध पानी और भोजन को प्राथमिकता दें। साफ और हाइजीनिक माहौल में भोजन पकाएं। अधपका या कच्चा भोजन न खाएं
- भोजन करने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ जरूर धोएं।
- सीवेज व्यवस्था को दुरस्त रखें, अपने आस पानी गंदे पानी का निपटान करते रहें।
- अगर हेपेटाइटिस ए से संक्रमित क्षेत्र की यात्रा कर रहे हैं तो यात्रा से दो सप्ताह पहले वैक्सीन लगवाएं।
हेपेटाइटिस ए का मैनेजमेंट कैसे कर सकते हैं?
हालांकि हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Hindi) का संक्रमण एक से दो माह तक रहता है और बिना किसी उपचार के ही अधिकतर लोग ठीक हो जाते हैं। लेकिन कई बार ये संक्रमण गंभीर होने पर जानलेवा साबित हो सकता है। कुछ आसान उपाय करके आप इसे मैनेज कर सकते हैं। ये उपाय इस प्रकार हैं –
- घर पर रहें – अगर शरीर में हेपेटाइटिस ए के लक्षण दिख रहे हैं तो घर पर आराम करें। लक्षण दिखने के बाद एक सप्ताह के लिए घर पर रहें और स्कूल, दफ्तर या बाहर के काम के लिए न निकलें। बुखार और पीलिया ठीक होने के बाद ही घर से बाहर निकलें।
- पर्याप्त और पौष्टिक भोजन का सेवन करें – हेपेटाइटिस ए के संक्रमण के दौरान हालांकि भूख कम हो जाती है लेकिन मरीज का पर्याप्त और पौष्टिक भोजन लेना जरूरी है। इस दौरान संतुलित आहार खाएं। एक साथ ज्यादा भोजन करने की बजाय कई बार में थोड़ा थोड़ा भोजन करें।
- हाइड्रेटेड रहें – इस दौरान शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसलिए पर्याप्त माज्ञा में पानी पीते रहें। खासतौर पर उल्टी और दस्त की स्थिति में तरल पदार्थ का सेवन करते रहें।
- अल्कोहल से दूर रहें – हेपेटाइटिस ए संक्रमण के दौरान अल्कोहल यानी शराब के सेवन से दूरी बरतने की सलाह दी जाती है। इस दौरान शराब लिवर को बुरी तरह प्रभावित करती है और संक्रमण गहरा हो जाता है। इसलिए शराब से दूरी बनाएं।
हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Hindi) संक्रमण एक गंभीर लेकिन उपचार योग्य संक्रमण है। कुछ गंभीर मामलों में लिवर फेल होने के रिस्क बढ़ जाते हैं। हालांकि भोजन, पानी की स्वच्छता बरत कर, स्वस्थ आदतों को अपनाकर और वैक्सिनेशन के जरिए इससे बचाव किया जा सकता है। हेपेटाइटिस ए से बचाव के लिए इसके लक्षणों की समय रहते पहचान जरूरी है। इसकी मदद से इस संक्रमण को सही तरीके से मैनेज किया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति में हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Hindi) संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टरी परामर्श करें। डॉक्टरी परामर्श के बाद हेपेटाइटिस ए टेस्ट (hepatitis A test) के लिए डॉ. लाल पैथलैब में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए आज ही डॉ. लाल पैथलेब्स का ऐप डाउनलोड करें।
FAQ
Q1. हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A in Hindi) से ठीक होने में कितना समय लगता है?
हेपेटाइटिस ए से ठीक होने में आमतौर पर दो माह का वक्त लगता है। लेकिन कमजोर लिवर वाले और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में ये संक्रमण छह महीने तक भी रह सकता है।
Q2. क्या हेपेटाइटस ए (हेपेटाइटिस इन हिंदी) के वायरस को रोका जा सकता है?
टीकाकरण के जरिए हेपेटाइटिस ए के वायरस को रोका जा सकता है। ये टीका दो शॉट्स में दिया जाता है। पहली डोज के छह महीने के बाद बूस्टर डोज लगती है।








