गर्मियों में निर्जलीकरण से बचने के उपाय
- 23 Apr, 2025
- Written by Team Dr Lal PathLabs
Medically Approved by Dr. Seema
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गर्मियों में डिहाइड्रेशन (Dehydration) यानी निर्जलीकरण की समस्या काफी आम है। गर्मी के मौसम में जैसे ही तापमान बढ़ता है और ह्यूमिडिटी (humidity) यानी आद्रता का स्तर बढ़ जाता है तो शरीर में निर्जलीकरण का खतरा बढ़ जाता है। निर्जलीकरण तब होता है जब शरीर से ज्यादा मात्रा में पसीना (excessive sweating) निकलने लगता है। शरीर से ज्यादा पसीना बाहर निकलने पर शरीर में पानी और तरल पदार्थों की कमी हो जाती है और शरीर पानी की कमी यानी निर्जलीकरण का शिकार हो जाता है। निर्जलीकरण से शरीर में फ्लुइड यानी द्रव का इन्बैलेंस (Fluid Imbalance) हो जाता है जिससे कई तरह की सेहत संबंधी परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा तब होता है जब शरीर जितना पानी पीता है, उससे ज्यादा पानी का लॉस होने लगता है। चलिए इस लेख में हम जानते हैं कि निर्जलीकरण क्या है। साथ ही साथ जानेंगे इसके कारण, लक्षण और इससे बचाव के तरीके भी।
निर्जलीकरण क्या है?
जब व्यक्ति के शरीर में फ्लुइड यानी तरल पदार्थों की कमी हो जाती है तो वो सामान्य कामकाज करने में अक्षम होने लगता है। दरअसल फ्लुइड यानी तरल पदार्थ शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के साथ साथ पोषक तत्वों को शरीर के अलग अलग हिस्सों में भेजने और अपशिष्ट पदार्थों यानी टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकालने के लिए काफी जरूरी माने जाते हैं। ऐसे अगर शरीर निर्जलीकरण का शिकार हो जाए तो कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जैसे सिर में दर्द, थकान और चक्कर आना।
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निर्जलीकरण क्यों होता है?
निर्जलीकरण शरीर में तरल पदार्थों की कमी है। इसके कारण इस प्रकार है-
- पर्याप्त रूप से पानी न पीना
- गंभीर रूप से दस्त लग जाना
- बहुत ज्यादा पसीना आना
- ज्यादा यूरिनेशन
- तेज बुखार
- कुछ खास दवाओं के सेवन के कारण शरीर में निर्जलीकरण हो सकता है।
हालांकि निर्जलीकरण किसी को भी हो सकता है लेकिन ये खासतौर पर बच्चों और बड़े वयस्कों को ज्यादा होता है।
निर्जलीकरण के लक्षण क्या हैं?
निर्जलीकरण के लक्षण अलग अलग लोगों में स्थिति की गंभीरता के आधार पर अलग अलग हो सकते हैं। इसके सामान्य लक्षण इस प्रकार है –
- मुंह सूखना
- जीभ बार बार सूखना
- यूरिन का रंग गहरा हो जाना
- यूरिन की मात्रा कम हो जाना
- ज्यादा प्यास लगना
- बुखार
- सिर में लगातार दर्द होना
- भूख न लगना
- चक्कर आना
- कमजोरी महसूस होना
- धड़कन तेज हो जाना
- त्वचा पर रूखापन आना
- मतिभ्रम की स्थिति
निर्जलीकरण के गंभीर लक्षण जो नर्वस सिस्टम या किडनी की क्षति के चलते जानलेवा साबित हो सकते हैं। ये लक्षण इस प्रकार हैं –
- यूरिन बहुत कम हो जाना
- दिल की धड़कन एकाएक तेज हो जाना
- सांस फूलना
- सांस लेने में दिक्कत महसूस होना
- चक्कर आना
- बेहोशी
- मल का रंग काला या खूनी हो जाना
- चौबीस घंटे से ज्यादा समय तक दस्त लगना
गर्मियों में निर्जलीकरण से बचाव कैसे किया जा सकता है?
गर्मियों में निर्जलीकरण से कुछ खास और आसान तरीकों के जरिए बचाव किया जा सकता है। ये तरीके इस प्रकार है –
- दिन में ढेर सारा पानी पिएं (Drink Plenty of Fluids) – दिन में ढेर सारा पानी पिएं। खासकर दोपहर के समय और उस वक्त जब मौसम ज्यादा गर्म हो। दिन भर में सात से आठ गिलास पानी पीना जरूरी है। पानी के साथ साथ आप कुछ और तरल और हेल्दी ड्रिंक्स जैसे नारियल पानी, नींबू पानी, जलजीरा या गन्ने का रस भी पी सकते हैं। हालांकि इस दौरान कैफीन युक्त ड्रिंक्स जैसे चाय, कॉफी और शराब से दूरी बनाकर रखें क्योंकि ये पेय शरीर में निर्जलीकरण को बढ़ा सकते हैं।
- सही फूड खाएं (Eat the Right Foods) गर्मियों में शरीर के लिए अच्छे कहे जाने वाले ऐसे फूड खाएं जो पानी से भरपूर हों और शरीर में डिहाइड्रेशन न होने दें। जैसे तरबूज, खीरा, ककड़ी, अंगूर, स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च और टमाटर आदि। इस दौरान बहुत ज्यादा नमक वाला भोजन करने से बचें क्योंकि इससे शरीर में निर्जलीकरण होने का खतरा बढ़ सकता है।
- एक्सरसाइज के बाद शरीर को हाइड्रेट करें (Hydrate After Exercising) – यूं तो गर्म मौसम में कम एक्सरसाइज करनी चाहिए लेकिन अगर आपको एक्सरसाइज करनी है तो एक्सरसाइज के बाद शरीर को पूरी तरह हाइड्रेट जरूर करें। ऐसा न करने पर शरीर में गंभीर निर्जलीकरण हो सकता है। जो लोग गर्म मौसम में वर्कआउट करते हैं, उन्हें वर्कआउट से पहले और वर्कआउट के बाद पानी जरूर पीना चाहिए। ज्यादा कठिन एक्सरसाइज करने वालों को पानी के साथ साथ स्पोर्ट्स ड्रिंक, ग्लूकोज पानी, ओआरएस का घोल (ORS) पीना चाहिए। ऐसा करने पर वर्कआउट के दौरान निकले पसीने के जरिए निकले इलेक्ट्रोलाइट्स और तरल पदार्थ शरीर को वापस मिल जाएंगे।
- धूप में ज्यादा देर न रहें (Avoid Too Much Sun Exposure) – गर्म मौसम में धूप में ज्यादा न रहें। खासतौर पर दोपहर के वक्त धूप में जाने से बचें। जरूरी काम के लिए सुबह जल्दी या शाम के वक्त बाहर निकलें। अगर धूप में निकलना जरूरी है तो ढेर सारा पानी पीकर ही बाहर निकलें। इससे शरीर में फ्लुइड का बैलेंस बना रहेगा।
- पर्याप्त आराम करे और ठंडे स्थान पर रहें (Rest Well and Stay in Cool Place) – निर्जलीकरण से बचाव के लिए कामकाज के बाद पर्याप्त आऱाम करना चाहिए। व्यक्ति को कोशिश करनी चाहिए कि वो गर्म स्थान की बजाय किसी ठंडे स्थान पर रहे।
देखा जाए तो गर्मियों में निर्जलीकरण एक आम स्थिति मानी जाती है। कई बार स्थिति गंभीर होने पर अन्य कई सेहत संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि लाइफस्टाइल में बदलाव जैसे पानी और तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन, हाइड्रेट रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करके, धूप से बचाव करके निर्जलीकरण से बचाव किया सकता है। गर्मियों में निर्जलीकरण से बचने के लिए ओवरऑल हेल्थ का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी हो जाता है। अगर किसी व्यक्ति में निर्जलीकरण के अनुभव दिखाई दे रहे हैं तो हेल्थ केयर प्रोफेशनल से सलाह लेनी चाहिए। निर्जलीकरण संबंधी जांच के लिए डॉ। लाल पैथलेब्स में टेस्ट बुक करवाना चाहिए।
FAQ
- प्रश्न – गर्मियों मे निर्जलीकरण से बचाव कैसे कर सकते हैं? How to avoid dehydration in summer? गर्मियों में पानी और तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करके, हाइड्रेटिंग खाद्य पदार्थों का सेवन करके और धूप से बचाव करके निर्जलीकरण से बचाव किया जा सकता है।
- प्रश्न – बिना पानी के हाइड्रेट कैसे रहा जा सकता है? How to be hydrated without water? अगर पानी नहीं पी रहे हैं तो हाइड्रेटिंग खाद्य पदार्थ जैसे तरबूज, स्ट्रॉबेरी, खीरा, ककड़ी, अजवाइन, हरी पत्तेदार सब्जियां, सूप या शोरबा जैसी चीजों का सेवन किया जा सकता है। इससे निर्जलीकरण से बचाव हो सकता है।








