महिलाओं में घुटने का दर्द का कारण और उपाय
- 28 Jan, 2026
- Written by Team Dr Lal PathLabs
Medically Approved by Dr. Shuchi
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आपने अक्सर देखा होगा कि ज्यादा उम्र की महिलाओं खासकर चालीस साल के बाद महिलाओं के घुटनों में दर्द होने लगता है। कई बार महिलाओं में घुटने का दर्द इतना बढ़ जाता है कि उनका चलना फिरना भी मुश्किल (घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज) हो जाता है, इसके चलते वो रोजमर्रा के कामकाज करने में भी दिक्कत महसूस करने लगती हैं। हालांकि घुटनों का दर्द किसी को भी हो सकता है और पुरुष भी इसका शिकार होते हैं। लेकिन ज्यादातर महिलाएं घुटने के दर्द से पीड़ित होती हैं। महिलाओं में घुटने का दर्द कई कारणों से हो सकता है जिसमें उम्र, हड्डियों का कमजोर होना जैसे कई कारण शामिल हो सकते हैं। इस लेख में जानते हैं कि महिलाओं के घुटनों में दर्द और हाथ पैर के जोड़ों में दर्द क्यों होता है। इसके साथ ही जानेंगे पैरों के दर्द के लक्षण और उपचार (घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज) के बारे में सब कुछ।
महिलाओं में घुटनों का दर्द किस वजह से होता है?
महिलाओं खासकर चालीस साल के बाद की महिलाओं में घुटने और हाथ पैर के जोड़ों में दर्द होना आम परेशानी (घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज) है। चालीस साल के बाद जब महिलाएं मैनोपॉज की स्थिति से गुजरने लगती हैं तो उनके शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। ऐसे में अक्सर महिलाओं के घुटने और हाथ पैर के जोड़ों में दर्द (हाथ पैर के जोड़ों में दर्द क्यों होता है) होने लगता है। इसके कई कारण (पैरों में दर्द का कारण और उपाय) हैं जो इस प्रकार हैं–
- हार्मोनल चेंजेस – चालीस साल के बाद ज्यों ज्यों महिलाएं मैनोपॉज के दौर में आती हैं, उनके शरीर में कई तरह के हार्मोंनल बदलाव होने लगते हैं। इनकी वजह से उनकी ऊर्जा और काम करने की क्षमता पर भी फर्क पड़ने लगता है। शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इस वजह से (पैरों में दर्द का कारण और उपाय) घुटनों में दर्द होने लगता है।
- ऑस्टियो अर्थराइटिस – चालीस साल के बाद महिलाओं के घुटनों में कार्टिलेज घिसने लगता है जिससे घुटने की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और घुटनों में दर्द होने लगता है।
- ऑस्टियोपोरोसिस
– ये वो स्थिति है जिसमें हड्डियां कमजोर होकर घिसने लगती है और भुरभुरी हो जाती हैं। इसकी शिकार महिलाओं के घुटने में दर्द होने लगता है। - ज्यदा वजन- ज्यादा वजन होने के चलते शरीर का ज्यादा भार घुटनों पर पड़ता है जिससे घुटनों की शक्ति कमजोर होने लगती है।
- तनाव – ज्यादा तनाव लेने की वजह से भी घुटने के लिगामेंट्स पर बुरा असर पड़ता है जिससे घुटनों में दर्द रहने लगता है।
- पोषण की कमी – शरीर में पोषण की कमी, खासतौर पर कैल्शियम और विटामिन डी की कमी के चलते भी घुटनों में दर्द होने लगता है।
- चोट – कई बार गिरने और चोट लगने की वजह से भी घुटनों के लिगामेंट्स और मेनिस्कस को नुकसान पहुंचता है और घुटने दर्द करने लगते हैं।
- मांसपेशियों की कमजोरी – महिलाओं की जांघ की मांसपेशियां पुरुषों के मुकाबले कमजोर होती हैं। इससे उनके घुटनों को पूरी स्थिरता नहीं मिल पाती है जिससे उनके घुटने कमजोर होने लगते हैं और उनमें दर्द होने लगता है।
- गठिया – गठिया
यानी गाउट की वजह से भी महिलाओं के हाथ पैर के जोड़ों में दर्द होने लगता है।
घुटने के दर्द के लक्षण किस तरह दिखते हैं?
महिलाओं में घुटने का दर्द (घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज) कई तरह से सामने आता है। घुटने के दर्द के लक्षण इस प्रकार दिखते हैं –
- घुटने को हिलाने में दर्द होना
- चलने फिरने में घुटने में दर्द होना
- घुटने में दर्द और अकड़न महसूस होना
- घुटने से कट कट या कुछ चटकने की आवाज सुनाई देना
- सीढ़ियां चढ़ते समय या उठते बैठते समय दर्द का बढ़ जाना
- रात के समय घुटने में दर्द का बढ़ जाना
- बैठते और उठते समय सहारे की जरूरत पड़ना
- घुटने के जोड़ में ढीलापन महसूस होना
घुटने में दर्द की जांच किस तरह होती है?
घुटने में दर्द होने पर विटामिन डी टेस्ट की सलाह दी जाती है। आपको बता दें कि विटामिन डी की कमी के चलते घुटने में दर्द और कमजोरी आती है। ऐसे में शरीर में विटामिन डी के स्तर की जांच करके इसकी कमी का पता लगाया जा सकता है। शरीर में विटामिन डी का स्तर जानने के लिए एक ब्लड टेस्ट करवाया जाता है जिसे विटामिन डी टेस्ट कहते हैं। विटामिन डी टेस्ट के तहत खून में 25-हाइड्रॉक्सिविटामिन डी के लेवल की जांच की जाती है।
घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज क्या है?
देखा जाए तो घुटने में दर्द का कोई एक या सटीक रामबाण इलाज मौजूद नहीं है। अगर घुटने में दर्द हो रहा है तो सामान्य उपचार (घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज)के तहत ठंडी और गर्म सिकाई से आराम मिलता है। इसके अलावा सरसों के गर्म तेल से मालिश भी उपयोगी कही जाती है। घरेलू उपचार (घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज) के तौर पर हल्दी वाला दूध भी घुटने में दर्द से राहत देता है। हाथ पैर के जोड़ो में दर्द के लिए मरीज को संतुलित और स्वस्थ आहार लेने की सलाह दी जाती है। शरीर में विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए सबसे अच्छा उपाय (घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज) सूर्य की रोशनी है। ऐसे में रोज कम से कम दस मिनट के लिए सूरज की रोशनी में जरूर बैठना चाहिए ताकि प्राकृतिक तौर पर विटामिन डी मिल सके। इसके अलावा सही लाइफस्टाइल (घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज) अपनाने की सलाह दी जाती है जिसमें मोटापे पर नियंत्रण रखना, नियमित एक्सरसाइज करना शामिल हैं।
अगर घुटने का दर्द गंभीर अवस्था में है तो डॉक्टर एंटी इंफ्लेमेटरी दवाएं और पेन किलर दवाएं देते हैं। कई बार दर्द गंभीर होने पर कॉर्टिकोस्टेराइड्स के इंजेक्शन मरीज को दिए जाते हैं। इसके साथ साथ नियमित फिजियोथैरेपी (घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज) से घुटनों को आराम और मूवमेंट मिलती है।
देखा जाए तो एक उम्र के बाद हड्डियां कमजोर होने पर घुटनों का दर्द आम समस्या है। अगर किसी मरीज के घुटनों में दर्द है तो डॉक्टरी सहायता लें। डॉक्टरी परामर्श के बाद विटामिन डी टेस्ट
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FAQ (H2)
- पैरों में दर्द का कारण और उपाय क्या है?
पैरों में दर्द का कारण मांसपेशियों और हड्डियों का कमजोर होना है। इसके अलावा विटामिन डी कमी और मोटापे के चलते भी घुटनों में दर्द होता है। घरेलू उपाय जैसे सरसों के तेल की मालिश (घुटनों के दर्द का रामबाण इलाज) और हल्दी वाले दूध के सेवन से घुटने के दर्द से आराम मिलता है। - घुटने में दर्द की जांच कैसे होती है?
घुटने में दर्द के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है जिसके जरिए शरीर में विटामिन डी के स्तर को जांचा जाता है।








