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हार्ट हेल्थ के लिए TMT और ECG टेस्ट में अंतर

Medically Approved by Dr. Shuchi

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TMT t& ECG Test in hindi

स्वस्थ शरीर की बुनियाद स्वस्थ और मजबूत दिल पर टिकी होती है। ऐसे में जरूरी है कि ह्रदय को स्वस्थ रखा जाए और समय समय पर इसकी जांच होती रहे। चूंकि नए दौर में दिल की बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है, इसलिए हर व्यक्ति को हार्ट हेल्थ के प्रति सचेत रहना चाहिए। खराब लाइफस्टाइल, बढ़ता तनाव, कम फिजिकल एक्टिविटी, स्मोकिंग और दूसरी कई स्थितियों के चलते दिल संबंधी बीमारियां हर उम्र के लोगों के लिए खतरा बनती जा रही हैं।

 

ऐसे में हार्ट हेल्थ की नियमित निगरानी के लिए या हार्ट संबंधी बीमारियों के आकलन के लिए ईसीजी (ईसीजी टेस्ट क्या है) और टीएमटी जैसे टेस्ट (TMT टेस्ट) को महत्वपूर्ण बताया गया है। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि दिल की सेहत के लिए कब कौन सा टेस्ट करवाना चाहिए और टीएमटी टेस्ट और ईसीजी टेस्ट में क्या अंतर है। इस लेख में जानते हैं कि ईसीजी टेस्ट क्या होता है और टीएमटी टेस्ट क्या होता है। इसके साथ ही जानेंगे टीएमटी टेस्ट की नॉर्मल रेंज और ईसीजी की नॉर्मल रेंज के बारे में।

 

ईसीजी टेस्ट क्या है?

 

ईसीजी टेस्ट (ECG Test) को दरअसल इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम कहा जाता है। इस टेस्ट के जरिए ह्रदय की इलेक्ट्रिक एक्टिविटीज यानी विद्युत आवेगों को रिकॉर्ड किया जाता है। ईसीजी टेस्ट दिल संबंधी दिक्कतों का पता लगाने के लिए किया जाने वाला सबसे आम टेस्ट है। ये टेस्ट (ईसीजी टेस्ट क्या है) बिना दर्द के आसानी से किया जा सकता है। इसके जरिए दिल की विद्युत गतिविधियां रिकॉर्ड की जाती हैं और उनके आकलन के आधार पर डॉक्टर दिल के दौरे, असामान्य हार्ट बीट, दिल को हो रही क्षति, कोरोनरी डिजीज और दिल की संभावित सूजन और दिल के लिए खतरा बनने वाली दूसरी कई स्थितियों का अंदाजा लगा सकते हैं।

 

ईसीजी टेस्ट कैसे होता है?

 

ईसीजी टेस्ट (ईसीजी टेस्ट क्या है) काफी आसान, सरल और दर्द रहित प्रक्रिया के तहत किया जाता है। इस प्रोसेस में व्यक्ति के हाथ, पैरों और छाती पर पैच यानी इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं। इसके बाद ये इलेक्ट्रोड दिल की धड़कन, लय, गति और समय के साथ दिल के विद्युत आवेगों को मापते हैं। ईसीजी मशीन इलेक्ट्रोड के जरिए मिल रहे संकेतों को रिकॉर्ड करती है और तरंगों के रूप में एक ग्राफ को प्रिंट करती है।

 

ईसीजी की नॉर्मल रेंज 60 से 100 बीट प्रति मिनट होती है। यानी एक सामान्य और स्वस्थ दिल एक मिनट में 60 से 100 बार के बीच धड़कता है। इस रेंज के आने पर ईसीजी का रिजल्ट नॉर्मल कहा जाता है। हालांकि बच्चों और खिलाड़ियों के लिए ये नॉर्मल रेंज ज्यादा होती है क्योंकि वो फिजिकल एक्सरसाइज और एक्टिविटी ज्यादा करते हैं।

 

टीएमटी टेस्ट क्या होता है?

 

टीएमटी टेस्ट (tmt test) को ट्रेडमिल टेस्ट भी कहा जाता है। टीएमटी टेस्ट मुख्य रूप से एक कार्डियक स्ट्रेस टेस्ट है जो ये जांचता है कि शारीरिक तनाव के दौरान दिल किस तरह काम करता है। टीएमटी टेस्ट से ये पता चलता है कि एक्सरसाइज के समय दिल को पर्याप्त खून की सप्लाई हो रही है या नहीं। इसके साथ-साथ टीएमटी टेस्ट (TMT टेस्ट) ये बताता है कि जब शरीर तनाव या दबाव में आता है तो दिल पर दबाव बनने पर वो किस तरह का रिएक्शन देता है।

 

टीएमटी की मदद से डॉक्टर दिल के दौरे, दिल की असामान्य धड़कन के कारण, तनाव के समय दिल के रिस्पॉन्स और कोरोनरी धमनी रोग के साथ-साथ दिल संबंधी दूसरी कई दिक्कतों का पता लगा सकते हैं। इसके अलावा अगर किसी की छाती में दर्द हो रहा है या सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो इसकी वजहों के आकलन के लिए भी टीएमटी टेस्ट मददगार साबित होता है।

 

टीएमटी टेस्ट कैसे किया जाता है?

 

टीएमटी टेस्ट को ट्रेडमिल टेस्ट इसलिए कहते हैं क्योंकि ये ट्रेडमिल पर किया जाता है। इस प्रक्रिया में व्यक्ति को ट्रेडमिल पर चलाया या दौड़ाया जाता है। जब मरीज ट्रेडमिल पर चलता है तो उस समय उसका ईसीजी टेस्ट किया जाता है।

 

टीएमटी टेस्ट में कितना समय लगता है?

 

ट्रेडमिल टेस्ट से पहले ईसीजी (इलेक्ट्रोड लगाना और मशीन से कनेक्ट करना) की पूरी प्रोसेस की तैयारी होती है। इसके बाद मरीज को 10 से 15 मिनट तक ट्रेडमिल पर चलाया या दौड़ाया जाता है। इसके बाद ईसीजी की रिपोर्ट और रिकवरी को मिलाकर करीब एक घंटे का समय लगता है। इस दौरान मरीज के दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर के साथ-साथ ईसीजी मशीन के ग्राफ की पूरी निगरानी की जाती है।

 

एक नॉर्मल यानी सामान्य टीएमटी टेस्ट को निगेटिव के रूप में देखा जाता है जो बताता है कि दिल में खून की सप्लाई में कोई दिक्कत या रिस्क नहीं है।

 

दिल का स्वस्थ रहना सबके लिए जरूरी है और इसके लिए दिल संबंधी किसी भी असामान्यता का समय रहते पता लगाना काफी महत्वपूर्ण साबित होता है। अगर दिल संबंधी किसी दिक्कत के चलते दिल की जांच की सलाह दी जाती है तो डॉ. लाल पैथलैब्स में ईसीजी टेस्ट और टीएमटी टेस्ट के लिए शेड्यूल बुक करें। शेड्यूल बुक करने के लिए डडॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।

 

FAQ

 

  1. ईसीजी कैसे किया जाता है?
    ईसीजी टेस्ट (ईसीजी टेस्ट क्या है) के लिए मरीज के सीने और हाथ-पैरों पर पैच यानी इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं जो ईसीजी मशीन से कनेक्ट होते हैं। ये इलेक्ट्रोड मरीज के दिल की धड़कन, लय और अन्य असामान्यताओं का संकेत देते हैं।
  2. टीएमटी टेस्ट किस तरह किया जाता है?
    टीएमटी टेस्ट में मरीज को 10 से 15 मिनट (टीएमटी टेस्ट में कितना समय लगता है) तक ट्रेडमिल पर चलाया जाता है और इस दौरान उसके शरीर पर इलेक्ट्रोड लगाकर उसकी ईसीजी की जाती है। इससे शारीरिक दबाव और तनाव के समय दिल की स्थिति की जांच होती है।

 

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