विडाल टेस्ट क्या होता है? टाइफाइड बुखार की पहचान में इसकी भूमिका
- 15 Sep, 2025
- Written by Team Dr Lal PathLabs
Medically Approved by Dr. Shuchi
Table of Contents

टाइफाइड ऐसा बुखार है जो दूषित पानी और भोजन के चलते होने वाले जीवाणु संक्रमण के चलते होता है। डटाइफाइड बुखार की पहचान के लिए डॉक्टर आमतौर पर विडाल टेस्ट (widal test in hindi) की सलाह देते हैं। विडाल टेस्ट ऐसा ब्लड टेस्ट है जिसके जरिए टाइफाइड और पैराटाइफाइड बुखार की पहचान की जाती है। साल्मोनेला टाइफी और साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया जैसे जीवाणु इंफेक्शन के चलते टाइफाइड बुखार होता है और इसकी पहचान के लिए विडाल टेस्ट (widal test in hindi) काफी महत्वपूर्ण साबित होता है। इस लेख में जानते हैं कि विडाल टेस्ट क्या होता है और विडाल टेस्ट पॉजिटिव क्या होता है। साथ ही जानेंगे इस टेस्ट की सामान्य रेंज के बारे में.
विडाल टेस्ट क्या होता है?
विडाल टेस्ट (widal test in hindi) वो ब्लड टेस्ट है जो साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु संक्रमण (bacterial infection) के चलते होने वाले टाइफाइड बुखार की पहचान के लिए किया जाता है। आपको बता दें कि दूषित पानी और दूषित भोजन के जरिए साल्मोनेला टाइफी और साल्मोनेला पैराटाइफी बैक्टीरिया शरीर पर हमला करके उसे संक्रमित कर डालते हैं। ऐसे में इस टेस्ट के जरिए इन जीवाणुओं की शरीर में मौजूदगी की जांच की जाती है। टाइफाइड बुखार को कई जगह एंटरिक फीवर भी कहा जाता है। जब कोई व्यक्ति साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से संक्रमित होता है तो उसके शरीर का इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा प्रणाली इस बैक्टीरिया के O और H एंटीजन के खिलाफ एक स्पेशल एंटीबाडी बनाती है। ये एंटीबॉडी शरीर में साल्मोनेला टाइफी के बैक्टीरिया से लड़ने का काम करती हैं। दरअसल ये एक ऐसा सीरोलॉजिकल टेस्ट है जो इस स्पेशल एंटीबॉडी की मौजूदगी का पता लगाता है। इस टेस्ट (widal test in hindi) के जरिए ही शरीर में इन एंटीबॉडी की टाईटर्स यानी सांद्रता का भी आकलन किया जाता है। देखा जाए तो ये टेस्ट टाइफाइड बुखार की पहचान के लिए महत्वपूर्ण साबित होता है लेकिन ये टेस्ट पूरी तरह यानी सौ फीसदी सटीक नहीं माना जाता है। कभी कभी कुछ दूसरे संक्रमण और बैक्टीरिया और मरीज की मेडिकल कंडीशन अलग अलग होने के कारण इसके रिजल्ट अलग अलग आ सकते हैं।
विडाल टेस्ट की सलाह कब दी जाती है?
जब किसी मरीज में टाइफाइड बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं तो डॉक्टर उस व्यक्ति के शरीर में साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरियल इंफेक्शन की मौजूदगी को स्पष्ट करने के लिए विडाल टेस्ट (widal test in hindi) की सलाह देते हैं। साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के संक्रमण के चलते टाइफाइड बुखार होता है। टाइफाइड बुखार के लक्षण इस प्रकार हैं –
- मरीज को एकाएक तेज बुखार होना
- पेट में लगातार दर्द महसूस होना
- दस्त लगना या कब्ज महसूस होना
- त्वचा पर गुलाबी रंग के चकत्ते पड़ना, खासतौर पर छाती और पेट पर गुलाबी रंग के चकत्ते दिखना
- कमजोरी महसूस होना
- थकान महसूस होना
- मांसपेशियों में दर्द महसूस होना और चलने फिरने में दिक्कत होना
- भूख कम होना या फिर भूख मर जाना
- सिर में दर्द बने रहना
- कम बुखार जो धीरे धीरे तेज होता है
- गले में खराश होना
- खांसी होना
- दिल की धड़कन अनियमित होना
- बेचैनी और भ्रम की स्थिति
विडाल टेस्ट कैसे किया जाता है?
विडाल टेस्ट ब्लड टेस्ट है जिसे करने के लिए आमतौर पर किसी खास तैयारी की जरूरत नहीं होती है। टाइफाइड बुखार के लक्षण दिखने पर डॉक्टर इसकी सलाह देते हैं। अगर मरीज पहले से किसी दवा का सेवन कर रहा है तो उसे डॉक्टर को सूचित करना चाहिए। विडाल टेस्ट करवाने से पहले एक सप्ताह तक किसी एंटीबॉयोटिक दवा का सेवन नहीं करना चाहिए वरना सटीक परिणाम आने में दिक्कत होती है। टेस्ट से पहले सामान्य भोजन करें और पानी पिएं। अगर टेस्ट से पहले मरीज को मलेरिया या कोई पुराना इंफेक्शन है तो डॉक्टर को जरूर सूचित करें वरना टेस्ट का रिजल्ट सटीक नहीं आ पाएगा।
विडाल टेस्ट का रिजल्ट कैसे देखा जाता है?
अगर टेस्ट के रिजल्ट का रेशियो सामान्य रेंज या इससे कम है तो रिजल्ट को निगेटिव माना जाता है जिसका मतलब है कि शरीर में साल्मोनेला टाइफी का संक्रमण नहीं है। लेकिन अगर रेशियो सामान्य रेंज से अधिक है तो इसे पॉजिटिव (विडाल टेस्ट पॉजिटिव) माना जाता है जिसका मतलब है कि शरीर में संक्रमण है।
कई लोग पूछते है कि विडाल टेस्ट पॉजिटिव क्या होता है। विडाल टेस्ट पॉजिटिव का मतलब है कि शरीर के इम्यून सिस्टम ने साल्मोनेला बैक्टीरिया के खिलाफ रिएक्शन करते हुए एंटीबॉडी बनाई हैं। इससे पता चलता है कि शरीर में संक्रमण मौजूद है। हालांकि कई बार मलेरिया या दूसरे पुराने संक्रमण के चलते भी विडाल टेस्ट पॉजिटिव आता है। अगर विडाल टेस्ट पॉजिटिव आता है तो डॉक्टर इसकी आगे की जांच के लिए कुछ दूसरे टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। आपको बता दें कि विडाल टेस्ट पॉजिटिव का अर्थ ये कतई नहीं है कि मरीज को टाइफाइड ही है, ये टेस्ट एक संकेत है कि जो आगे की जांच के लिए सलाह देता है।
टाइफाइड बुखार में ये टेस्ट (widal test in hindi) शरीर में संक्रमण की पहचान के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होता है। अगर किसी मरीज में टाइफाइड के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लें। डॉक्टरी सलाह के बाद विडाल टेस्ट (widal test in hindi) के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स में शैड्यूल बुक करें। शैड्यूल बुक करने के लिए डॉ. लाल पैथलैब्स का ऐप डाउनलोड करें।
FAQ
1.विडाल टेस्ट कब किया जाता है?
विडाल टेस्ट (widal test in hindi) टाइफाइड बुखार की पहचान (विडाल टेस्ट क्या होता है) के लिए किया जाता है जो साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होता है।
2.विडाल टेस्ट पॉजिटिव होने का क्या मतलब है?
विडाल टेस्ट (widal test in hindi) अगर पॉजिटिव आता है तो इसका मतलब है कि शरीर में साल्मोनेला टाइफी के संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी मौजूद हैं।








